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UP: 'घर में जाते दिखे, लेकिन बाहर न आए', पड़ोसियों की इस बात से घबराया था अक्षत; फिर ऐसे खुला नीले ड्रम का राज

Tue, 24 Feb 2026 02:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

पिता-पुत्र का रिश्ता दुनिया के सबसे अनमोल रिश्तों में से माना जाता है। यह विश्वास, स्नेह और सुरक्षा पर आधारित होता है। ऐसे में जब एक बेटा पिता की हत्या जैसा जघन्य अपराध करता है तो यह न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी होती है, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाती है। मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में युवा रिश्तों की गहराई से दूर होते जा रहे हैं। इससे बुरी बात क्या होगी कि जिस बच्चे को पिता की आंखों से डर जाना चाहिए, वह उनकी बातों से इतना हिंसक हो जाता है कि उनका कत्ल करने और शव के टुकड़े करने में उसके हाथ नहीं कांपते। इस दौर में बच्चों की परवरिश दिन पर दिन मुश्किल होती जा रही है। लखनऊ में दिल दहलाने वाला हत्याकांड सामने आया है।
 
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Lucknow Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की हत्या उनके ही 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर कर दी। 

इतना ही नहीं, दरिंदगी की हद पार करते हुए आरोपी बेटे ने शव के टुकड़े कर दोनों हाथ-पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ घर के भीतर एक ड्रम में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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शराब कारोबारी हत्या के बाद पुलिस को मौके पर लेकर जाता आरोपी बेटा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पड़ोसियों को छानबीन करता देख घबरा गया था अक्षत
पिता की हत्या के बाद अक्षत बार-बार घर से बाहर जा रहा था। पड़ोसियों के पूछने पर उसने कहा कि पिता 19 फरवरी को काम से दिल्ली गए थे और फिर नहीं लौटे। अक्षत ने ही 20 फरवरी को इसकी शिकायत थाने में की थी, ताकि उस पर कोई शक न करे। पड़ोसियों के पूछने पर उसने कहा कि पुलिस से शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस पर पड़ोसी उसे लेकर थाने पहुंचे। थाने से सुनवाई नहीं होने पर एडीसीपी से शिकायत की गई। लखनऊ में पड़ोसियों को छानबीन करता देख अक्षत घबरा गया। उसे आभास हुआ कि पड़ोसियों को उस पर शक हो गया है। इसके बाद सोमवार दोपहर दो बजे उसने पिता के करीबी दोस्त सोनू को फोन कर कहा कि अंकल, पापा ने आत्महत्या कर ली है। यह सुनकर सोनू भागकर मानवेंद्र के घर पहुंचे।
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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजनों के मुताबिक, सोनू ने अक्षत से पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि 20 फरवरी को पापा ने सुसाइड कर लिया था। सोनू ने देर से जानकारी देने पर उसे डांट लगाई। फटकार के बाद कड़ाई से पूछताछ की तो अक्षत टूट गया और पूरी कहानी बताई। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।

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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खास बात यह है कि मानवेंद्र के भाई अरविंद उसी मकान में दूसरे तल पर परिवार के साथ रहते हैं। वारदात के वक्त भी वह दूसरे तल पर थे। हालांकि, सुबह होते ही परिवार के साथ जालौन चले गए। डीसीपी का कहना है कि कई बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। 
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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के अनुसार, 21 फरवरी को आशियाना थाने में मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की। मानवेंद्र सिंह, जो सचिवालय सुरक्षा में तैनात थे, के भाई अरविंद कुमार से पूछताछ की गई। जब पुलिस ने मानवेंद्र के बेटे अक्षत से पूछताछ की, तो वह पहले तो गोलमोल जवाब देता रहा, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परीक्षा के दबाव में हुई अनहोनी
पूछताछ में सामने आया कि मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत पर नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी का लगातार दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर 20 फरवरी को सुबह लगभग 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच जमकर विवाद हुआ। गुस्से में आपे से बाहर हुए अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता पर गोली चला दी, जिससे मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
 
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शराब कारोबारी के घर के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिर में मारी थी गोली, बिस्तर जलाया
पुलिस के मुताबिक, पिता ने रात में अक्षत को समझाया और फिर बिस्तर पर लेट गए। बगल में राइफल रखी थी, जिसे उठाकर अक्षत ने मानवेंद्र के सिर में गोली मार दी। अगले दिन वह बिस्तर, चादर व खून से सना तकिया कार में रखकर अमौसी पहुंचा और फिर बिस्तर में आग लगा दी।

 

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आरोपी बेटा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार माह पहले घर से चोरी हुए थे जेवर
छानबीन में सामने आया है कि चार माह पहले मानवेंद्र के मकान से कीमती गहने चोरी हो गए थे। उन्होंने कामवाली पर शक जताते हुए थाने में शिकायत की थी। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि जेवर कामवाली ने नहीं चोरी किए हैं। बेटे की करतूत छिपाने के लिए उन्होंने थाने से शिकायत वापस ले ली थी। इसके बाद से वह बेटे की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

 

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शराब कारोबारी हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस से बात करते पिता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
20 फरवरी को तड़के उन्होंने अक्षत को पढ़ाई के लिए समझाया था, जिसके बाद उसने वारदात को अंजाम दे दिया। परिजनों ने बताया कि अक्षत ने एक कोचिंग से नीट की तैयारी की थी। वह दो बार परीक्षा भी दे चुका था, पर सफल नहीं हो पाया था। मानवेंद्र की चार पैथालॉजी और तीन शराब की दुकानें हैं। अक्षत ने लामार्ट से 12वीं की पढ़ाई की है।
 

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शराब कारोबारी हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
याद आया गौरी हत्याकांड
फरवरी 2015 में अमीनाबाद निवासी गौरी की उसके प्रेमी ने हत्या कर दी थी। शव के टुकड़े कर शहीद पथ पर फेंक दिए थे। सुबह सात बजे गौरी के पैर मिले। दोपहर में 250 मीटर दूर बोरे में धड़ मिला था।

 
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शराब कारोबारी हत्या के बाद गमगीन महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीते समय में घटनाएं
मार्च 2025 में मलिहाबाद में स्कूल की फीस नहीं देने पर 14 वर्षीय पोते ने तकिये से गला दबाकर दादी की हत्या कर दी थी।
मई 2025 में चिनहट में किशोरी ने प्रेमी संग मिलकर मां की गला रेतकर हत्या कर दी थी।
जुलाई 2024 में इंदिरानगर में भांजे ने गोली मारकर मामा की हत्या की थी। 
अक्तूबर 2024 में अलीगंज के त्रिवेणीनगर में नशे की लत के चलते पोते ने चाकू से गला रेतकर दादी की हत्या की थी। 
दिसंबर 2024 में आगरा के बदर ने पिता के साथ मिलकर नाका होटल में मां सहित पांच लोगों की हत्या की थी।

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