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UP: न पछतावा, न चेहरे पर शिकन, बाप को क्यों मार डाला? बहन की मिलीभगत पर खोला राज; 'कातिल' बेटे की पूरी कहानी

Thu, 26 Feb 2026 01:06 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी के लखनऊ में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाले कातिल बेटे ने मीडिया के सामने कई राज खोले। आरोपी बेटे ने कहा कि पिता की हत्या गलती से हुई थी। हालांकि ज्यादातर सवालों पर चुप्पी साधे रखी। पुलिस ने आरोपी को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया।
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Lucknow Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपी की राजधानी लखनऊ में पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह की हत्या के आरोप में उनके बेटे अक्षत को पुलिस ने बुधवार को मीडिया के सामने पेश किया। अक्षत पर अपने पिता की हत्या का आरोप है, जिसे उसने 20 फरवरी को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, अक्षत ने पूछताछ में हत्या को गलती बताया, लेकिन इस जवाब से कोई संतुष्ट नहीं है।

मानवेंद्र सिंह लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल के निवासी थे और शराब का कारोबार भी करते थे। पुलिस ने बताया कि मानवेंद्र अपने बेटे अक्षत पर डॉक्टर बनने का लगातार दबाव बना रहे थे। अक्षत ने दो बार नीट परीक्षा दी थी, लेकिन दोनों बार वह इसमें असफल रहा था। इसके बावजूद, मानवेंद्र उससे लगातार परीक्षा की तैयारी करने के लिए कहते रहते थे। इसी बात को लेकर 19 फरवरी की देर रात पिता और पुत्र के बीच तीखी बहस हुई थी। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बेटा - फोटो : अमर उजाला
इस बहस से नाराज होकर अक्षत ने 20 फरवरी की तड़के अपने पिता की हत्या कर दी। उसने अपनी लाइसेंसी राइफल का उपयोग करके मानवेंद्र के सिर में गोली मार दी थी। हत्या के बाद अक्षत ने अपने पिता के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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इसी नीले ड्रम में थी कारोबारी की लाश - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को आरोपी से ये भी पूछा गया कि पूरे घटनाक्रम में उसकी बहन की क्या भूमिका है। जवाब में सिर हिलाते हुए अक्षत ने बताया कि उसकी बहन की कोई गलती नहीं है। वह किसी भी प्रकार से इसकी जिम्मेदार नहीं है।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बेटा और बरामद सामान - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपी को बुधवार को सीजेएम कोर्ट में भी पेश किया। सीजीएम कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अक्षत से कई सवाल पूछे गए। हर सवाल पर आरोपी चुप्पी साधे रहा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बेटा - फोटो : अमर उजाला
चेहरे पर नहीं दिखी मायूसी
पिता का कत्ल करने के बाद भी आरोपी अक्षत के चेहरे पर कोई सिकन नहीं दिखी। वह बिल्कुल सामान्य नजर आया। ऐसा लग रहा था कि उसने कोई अपराध ही नहीं किया हो। पूछताछ में भी उसने पुलिस को पूरी कहानी खुलकर बता दी। बुधवार को जब उसे पुलिस कोर्ट लेकर जा रही थी, तब भी आरोपी के व्यवहार में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला।
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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद आरोपी बेटे को घर लाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नादरगंज में फेंके थे काटे गए अंग
अक्षत ने पुलिस को बताया कि उसने मानवेंद्र के हाथ और पैर काटकर उसे पॉलिथीन में भरा था। इसके बाद नादरगंज इलाके में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। धड़ को नीले ड्रम में भरकर घर में छिपाकर रखा था। 

 
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शराब कारोबारी हत्या के बाद पुलिस को मौके पर लेकर जाता आरोपी बेटा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने खुद पिता की गुमशुदगी की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी ने ट्रांसपोर्टनगर रेलवे ट्रैक के पास कूड़े में दो चाकू और आरी फेंक दी थी। यही नहीं, अनौरा के जंगल में जाकर चादर और बिस्तर जला दिया था।

 

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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद आरोपी बेटे को घर लाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने अक्षत की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल राइफल, एक कारतूस, तीन खोखा, कारतूस की एक पेटी, खून से सना कॉटन, दो आरी, दो चाकू, एक नीला ड्रम, खून से सनी रजाई, एक कालीन, आरोपी का खून से सना कपड़ा, चादर और प्लास्टिक की पन्नी बरामद की है।
 

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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता की हत्या के बाद परीक्षा देने गई थी बेटी, दहशत में रही खामोश
खौफ का आलम यह था कि 20 फरवरी को कृति परीक्षा देने स्कूल भी गई। उसने परीक्षा दी, लेकिन न तो शिक्षकों और न ही सहेलियों से कुछ साझा किया। वह चुपचाप घर लौटी और भाई के आदेशों का पालन करती रही। 

 

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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद गमगीन परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कृति के दोस्त हैरान हैं कि कृति ने किसी से भी कुछ साझा नहीं किया। कॉलोनी के लोगों के मुताबिक, मानवेंद्र अपनी बेटी कृति से बेहद प्रेम करते थे। बच्चों की देखरेख में कोई कमी न रह जाए, इसलिए उन्होंने दूसरी शादी नहीं की। वे बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हीं के कमरे में सोते थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस बेटे के भविष्य के लिए वे खुद को खपा रहे हैं, वही उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
 

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शराब कारोबारी हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था मामला
लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

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आरोपी बेटा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे। 

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शराब कारोबारी हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस से बात करते पिता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह जालौन में रहते हैं। 

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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाथ-पैर फेंके, सिर सहित धड़ घर में ड्रम में मिला
वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रख दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। पहले कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन शव का वजन ज्यादा था। 

 
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शराब कारोबारी के घर के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इससे वह अकेले ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े कर दिए। धड़ ठिकाने नहीं लगा सकने पर नीला ड्रम खरीदकर लाया और उसमें डाल दिया। इससे पहले कि अक्षत धड़ को ठिकाने लगाता उसकी करतूत उजागर हो गई।

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