फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ के इतिहास में पहली बार कोर्टरूम लाया गया शव, हत्या से कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Thu, 09 Jan 2020 04:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 7
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी लखनऊ में एक के बाद एक खौफनाक वारदात के बाद मंगलवार रात शहर के कृष्णानगर में एक वकील की नृशंस हत्या से प्रदेश की कानून व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी शिशिर त्रिपाठी की हत्या पर ट्वीट कर कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा।

उन्होंने ट्वीट किया कि सोराँव के विजयशंकर तिवारी और शामली के अजय पाठक की हत्या के बाद अब लखनऊ में अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई। क्या प्रदेश पूरी तरह से अपराधियों के हाथ में है? भाजपा सरकार कानून व्यवस्था के बारे में पूरी तरह फेल है।
विज्ञापन

2 of 7
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, पुलिस का कहना है कि शिशिर की हत्या आपसी रंजिश के कारण की गई है। मामले में प्रमुख आरोपी मोनू तिवारी व विनायक ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है।
विज्ञापन

3 of 7
- फोटो : अमर उजाला
इस हत्याकांड पर सेंट्रल बार एसोशिएसन ने नाराजगी जाहिर की और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पोस्टमार्टम के बाद एसोसिएशन के सदस्य शिशिर के शव को लेकर कोटरूम पहुंचे और नारेबाजी की। लखनऊ में यह पहला मौका है जब एक वकील के शव को कोर्टरूम लाया गया।

4 of 7
- फोटो : अमर उजाला
मामले में इंस्पेक्टर कृष्णानगर प्रदीप कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। उनकी जगह निरीक्षक अपराध राम कुमार को कृष्णानगर थाने का कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन

5 of 7
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और शिशिर की हत्या पर शोक व्यक्त किया।
विज्ञापन

6 of 7
- फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की हत्या पर सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ ने जिलाधिकारी लखनऊ के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा जिसमें एसोसिएशन ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करने के साथ ही परिवार के लिए सहायता की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
- फोटो : अमर उजाला
एसोसिएशन ने कहा कि अधिवक्ता के परिजनों को एक करोड़ रुपये सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और एस ओ कृष्णा नगर को तत्काल निलंबित किया जाए। जिसके तत्काल बाद इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें