यूपी की राजधानी लखनऊ में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर ऑल टीचर एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज कर दिया।
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लाठीचार्ज में कई के सिर फूटे, कई भगदड़ में घायल हुए तो महाराजगंज के शिक्षक डॉ. रामाशीष सिंह की मौत हो गई।
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शिक्षक बुधवार दोपहर विधानसभा घेरने जा रहे थे। अटेवा पेंशन बचाव मंच लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर पर आंदोलन कर रहा है। आज भी इसी कड़ी में प्रदर्शन के लिए कई जिलों से शिक्षक पहुंचे थे।
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मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि अपनी मांगों के सिलसिले में एक प्रतिनिधिमंडल विभाग के प्रमुख सचिव से मिलने के लिए समय मांग रहा था। दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस-प्रशासन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो आंदोलनकारी पैदल ही विधानभवन का घेराव करने निकल पड़े।
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शक्ति भवन के पास पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की व नारेबाजी के बाद पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं।
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पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा और हर किसी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
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शिक्षकों पर लाठीचार्ज करती पुलिस।
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लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई। लोग खुद को बचाने के लिए भागने लगे, जिसमें कई कई घायल हो गए।
साथी की मौत से अटेवा के सदस्यों ने सिविल अस्पताल में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पूरी चिकित्सा व्यवस्था ठप हो गई। डीआईजी लखनऊ रेंज प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह, एसएसपी मंजिल सैनी सहित कई थानों की फोर्स और पीएसी अस्पताल पहुंच गई।