हर्षदीप कौर
इन गीतों के अतिरिक्त किन्ना सोना तुझे, लंबी जुदाई, मैंनू इक पल चैन न आए, अल्लाह हूं, मैं कमली, आ जा रे माही, कर ऐतबार मेरा... के साथ ही हर्षदीप ने आ जाने की जिद ना करो... और छाप तिलक सब छीनी... जैसे गीत और सूफी रचनाएं भी कौर ने खूब सुनाई।