करीब चार दिन पहले दिल्ली से साइकिल से चले 16 सरिया मजदूर गुरुवार आगरा एक्सप्रेस वे के टोल प्लाजा पर पहुंचे तो वे पूरी तरफ थके हुए थे। तपती धूप में प्यास और भूख से बेहाल मजदूरों ने कुछ लोगों से साधन मिलने के बारे में पूछताछ की। साधन उपलब्ध न होने से निराश मजदूर साइकिल से ही अपनी मंजिल की ओर बढ़ चले। मजदूरों ने बताया कि रास्ते में फुटपाथ पर सो जाते हैं और तड़के फिर चल देते हैं। अधिकतर प्रवासियों का हाल यही है।
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- फोटो : amar ujala
मजदूर उमेश, राज कुमार, विजय, जय, रविंद्र व दिनेश, विनय, आजाद, राजेश, विनय सहित अन्य लोग दिल्ली में सरिया का काम करते थे। काम बंद हो गया, खाने-पीने के भी पैसे नहीं बचे और मकान मालिक किराया मांगने लगा तो वे साइकिल से ही घर के लिए चल दिए। सख्ती में छूट मिलने के बाद मजदूरों का आवागमन तेज हो गया है।
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आगरा एक्सप्रेस वे से होते हुए टोल प्लाजा पहुंच रहे मजदूरों की संख्या पहले से बढ़ गई है। कुछ मजदूर वाहनों की छतों पर बैठ कर आ रहे हैं। इस बारे में पुलिस इंस्पेक्टर घन श्याम मणि त्रिपाठी ने बताया कि जो प्रवासी अपने साधन से आ रहे हैं, उन्हें नहीं रोका जा रहा है। जो पैदल आ रहे हैं उन्हें एक्सप्रेस वे पर गुजर रहे वाहनों पर बैठा कर भेजा रहा है। टोल प्लाजा पर समाज सेवी संस्थाएं प्रवासियों को भोजन व पानी उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं।
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छत्तीसगढ़ जाने को निकले सैकड़ों मजदूर
लॉकडाउन के 50 दिन पूरे हो जाने के बाद अब जब सरकार ने धीरे-धीरे काम को गति देना शुरू किया है और कई जगह काम भी होते दिखने लगे हैं, इसके बावजूद भी लोगों का वापस लौटना बंद नहीं हुआ। गुरुवार को सैकड़ों की तादाद में मजदूर महिलाएं छोटे-छोटे बच्चे सर पर गठरी रखकर छत्तीसगढ़ जाने के लिए निकल पड़े।
आलमबाग के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे ये मजदूर सुबह 12 बजे उतरेठिया चौराहे पर पहुंच गए और बोले कि अब हमें यहां रुकना ही नहीं है। हमें तो सिर्फ अपने गांव जाना है। कैसे जाएंगे, क्या होगा, इन्हें कुछ नहीं पता बोले कदम निकल पड़े हैं तो अब रुकेंगे नहीं।