पुलिस अधिकारी के रूप में अपराधियों पर शिकंजा कसने वाले हरीश कुमार ने पीड़ितों के मददगार के रूप में नागरिकों का विश्वास जीतापत्नी को पढ़ाने के लिए दिन में मजदूरी और रात में रिक्शा चलाने वाले दिव्यांग की खबर पढ़कर उन्होंने सरकारी योजनाओं के तहत सहायता दिलाने में हर प्रयास के साथ दिव्यांग को सरकारी नौकरी दिलाई। उसकी पत्नी ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की।