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एक वैज्ञानिक के साथ ही मनोवैज्ञानिक भी थे डॉ. कलाम, निधन से ठीक पहले बोले- ‘फनी गॉय हाउ आर यू’

Mon, 27 Jul 2020 06:46 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अब्दुल कलाम - फोटो : Social media
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन। वो एक ऐसे व्यक्ति थे जो जीवनभर ज्ञान के भूखे रहे। उनमें दूसरों के भीतर भी ज्ञान की भूख जगाने की अद्भुत क्षमता थी। जिन्होंने हमेशा विकास की बात की।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से जुड़े बहुत से किस्से आपने सुने होंगे। मगर ऐसा बहुत कुछ है जो आपको शायद नहीं पता होगा। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एक वैज्ञानिक होने के साथ मनोवैज्ञानिक भी थे। उनको चेहरा पढ़ना भी आता था। वो किसी का भी चेहरा पढ़कर उसके बारे में बता देते थे। ये कहना है उनके साथ लंबे समय तक विशेष कार्याधिकारी के रूप में समय बिताने वाले सृजन पाल सिंह का।
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- फोटो : Social media
सृजन पाल सिंह कहते हैं कि डॉ. कलाम हर किसी से पूछते थे कि वह जीवन में किस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहता है। एक बार वह अपने घर के बगीचे में घूम रहे थे तो मैंने भी उनसे  यह पूछा कि वह लोगों में किस रूप में याद किया जाना पसंद करेंगे।
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- फोटो : Social media
उन्होंने जवाब दिया कि ‘मैं चाहता हूं कि दुनिया मुझे शिक्षक के रूप में जाने... फिर बोले कि मेरे हिसाब से दुनिया को अलविदा कहने का सबसे अच्छा तरीका यह होगा कि व्यक्ति सीधा खड़ा हो, जूते पहने हो और अपनी पसंद का कार्य कर रहा हो।' यह सुनाते ही सृजन पाल की आंखें नम हो गईं। बता दें कि डॉ. कलाम 27 जुलाई 2015 को शिलांग आईआईएम में लेक्चर दे रहे थे कि तभी उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया था।

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- फोटो : Social media
सृजन पाल ने कलाम से अपनी पहली मुलाकात से लेकर अंतिम समय तक की तमाम यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि शिलॉन्ग में जब वह डॉ. कलाम के सूट में माइक लगा रहे थे तो उन्होंने पूछा ‘फनी गॉय हाउ आर यू’, जिस पर मैंने जवाब दिया था ‘सर ऑल इज वेल’। फिर वह छात्रों की ओर मुड़े... और बोले ‘आज हम कुछ नया सीखेंगे’ और इतना कहते ही पीछे की ओर गिर पड़े। पूरे सभागार में सन्नाटा पसर गया।
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सृजन पाल सिंह (फाइल फोटो।) - फोटो : amar ujala
सृजन पाल सिंह ने बताया कि डॉ. कलाम हमेशा देश के विकास, गांवों में शिक्षा का प्रसार, चिकित्सा व्यवस्था में सुधार जैसे मामलों पर गहनता से बातें करते थे। वह जब भी किसी से मिलते थे तो उसे सलाह देते कि वह हर दिन अपनी मां के चेहरे पर एक मुस्कान जरूर दें।
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