कला की कोई भाषा नहीं होती। जितनी सरल भाषा में यह अपना संदेश जन-जन तक पहुंचाती है उतनी सरलता से एक व्यक्ति अपनी भाषा में भी दूसरों को समझा नहीं पाता। लखनऊ में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट के तृतीय वर्ष के छात्र अभिनव दीप अपनी कला के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े हैं। वॉल पेंटिंग के जरिए जहां विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं, वहीं अपनी कलाकृतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ शहीदों और प्रख्यात लोगों के प्रति श्रद्धांजलि देने का भी पुनीत कार्य कर रहे हैं।
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अभिनव दीप
- फोटो : अमर उजाला
अभिनव को वॉल पेंटिंग समेत सूक्ष्म कलाकृतियों को बनाने की प्रेरणा विवि के प्रो. राजेंद्र प्रसाद, प्रो. सुनीता शर्मा और प्रो. अवधेश मिश्रा से मिली। अभिनव गांव-गांव जाकर वहां की दीवारों पर पेंटिंग बनाते हैं। पेंटिंग भी कोई ऐसी-वैसी नहीं, सामाजिक संदेश देने वाली। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसे मुद्दों पर प्रभावी पेंटिंग बनाकर आम लोगों को जागरूक करते हैं। उनकी पेंटिंग लोगों से सीधा संवाद करती हैं, जो देखता है वह उसके संदेश को आसानी से समझ जाता है।
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अभिनव द्वारा बादाम पर बनाया गया क्रांतिकारी का चित्र
- फोटो : अमर उजाला
अभिनव ने बताया कि आज भी समाज में बालिकाओं और महिलाओं को वह दर्जा नहीं मिलता जो एक पुरुष को मिलता है। इसलिए उनकी ज्यादातर पेंटिंग महिला मुद्दों पर आधारित होती हैं। बाराबंकी, काकोरी, अमौसी एयरपोर्ट, हुसड़िया चौराहा स्थित उन्होंने ऐसी कई पेंटिंग बनाई हैं। यही नहीं पेंटिंग के माध्यम से वे स्वच्छता बनाए रखने का भी संदेश देते हैं। अभिनव ने बताया कि फाइन आर्ट में दाखिला लेने के बाद अपने शिक्षकों के निर्देश में कला की बारीकियां सीखीं। इसके बाद महसूस किया कि यह एक अच्छा माध्यम बन सकता है लोगों को जागरूक करने का। पिछले दो वर्षों से वे वॉल पेंटिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
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अभिनव द्वारा बनाया गया चित्र
- फोटो : अमर उजाला
सूक्ष्म कलाकृतियों के माध्यम से देते हैं संदेश
वॉल पेंटिंग के अलावा अभिनव को अति सूक्ष्म कलाकृतियों को भी बनाने का शौक है। इसके माध्यम से वे पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ प्रख्यात लोगों को श्रद्धांजलि भी देते हैं। डॉक्टर्स डे पर उन्होंने दवाई की एक छोटी टैबलेट पर डॉ. विधान की तस्वीर बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्हीं के नाम पर डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। यह तस्वीर एक सेंटीमीटर से भी छोटी है। इससे पहले अभिनव ने नीम की पत्तियों पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए खूबसूरत पेंटिंग बनाई। बादाम पर क्रांतिकारी पं. राम प्रसाद बिस्मिल्लाह की तस्वीर बनाकर उनको श्रद्धांजलि दी। यह तस्वीर दो सेंटीमीटर से भी छोटी है। अभिनव ने बताया कि उन्हें प्रख्यात लोगों की तस्वीर बनाकर श्रद्धांजलि देना, उनको याद करना और दूसरों को उनके बारे में बताना अच्छा लगता है।
अभिनव द्वारा बादाम पर बनाया गया क्रांतिकारी का चित्र
- फोटो : अमर उजाला
गरीबों को देते हैं जरूरत के सामान
इसके अलावा अभिनव वर्ष 2015 से सामाजिक कार्य में भी जुटे हुए हैं। दूर गांवों में बाढ़ आने की वजह से कई लोग बेघर हो जाते हैं। अपने परिवार के साथ सड़क पर आ जाते हैं। अभिनव अपने साथियों के साथ उनको जरूरत की चीजें मुहैया कराते हैं। कपड़े और खाद्य पदार्थ उनके बीच वितरित करते हैं और उनको वापस अपनी दिनचर्या शुरू करने में मदद करते हैं। अभिनव ने बताया कि सामाजिक कार्यों को करने का जज्बा व प्रेरणा उन्हें अपने पिता दीपक गुप्ता से मिली।