मां की तबीयत ठीक नहीं थी, फिर भी पति-पत्नी मरीजों के इलाज में जुटे रहे
केजीएमयू के ही दूसरे चिकित्सक हैं बजाज दंपती। रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दर्शन बजाज दूसरी टीम के अगुवा के रूप में मैदान में उतरे। डॉ. बजाज की पत्नी डॉ. मोना बजाज क्वीन मेरी में गायनेकोलॉजिस्ट हैं। जिस वक्त दर्शन बजाज ड्यूटी पर जा रहे थे तो डॉ. मोना घबराई हुई थीं। हालांकि, वह हौसला बढ़ाती रहीं और खुद भी कोरोना वार्ड में आने वाली महिलाओं के इलाज में जुट गईं।
पति-पत्नी के वार्ड में ड्यूटी में होने के दौरान मां व दोनों बच्चे घर में अकेले रहते। वह बताते हैं कि अब तक के कॅरियर में यह ड्यूटी सबसे कठिन और विचलित कर देने वाली थी। क्योंकि मां और बच्चे दोनों की तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन यह दौर भी धीरे-धीरे बीत गया। वह इन दिनों फिर वार्ड ड्यूटी में जुटे हुए हैं।