लखनऊ आए संत किरीट भाई जी के शब्दों में कुछ ऐसा जादू रहा होगा कि भक्त झूमने लगे, तस्वीरें...
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बाबा के 'शब्दों का जादू' था कि झूमने लगे लोग!
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लखनऊ में तुलसी ग्रामोद्योग सेवा केंद्र की ओर से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार शाम रवींद्रायल में सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान किरीट भाई के शब्दों के जादू से वहां मौजूद लोग अपने कदम नहीं रोक सके।
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सत्संग के दौरान किरीट भाई ने कहा,शिष्य कुम्हार की उस मिट्टी की तरह होता है जिसे गुरु अपनी सीखों और शिक्षाओं से आकार देता है।
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गुरु शिष्यों को न केवल आकार देता है बल्कि ज्ञान के सागर का बोध भी कराता है। उसे जीवन की विपरीत परिस्थियों में भी संघर्ष की ताकत देता है।
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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु को शिष्यों की सेवा का इंतजार रहता है तो शिष्य गुरु की सेवाकर खुद को धन्य समझता है। सत्संग-प्रवचन आयोजन में किरीट भाई जी ने ये बातें रखीं।
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उन्होंने कहा कि गुरु के बगैर ज्ञान की कल्पना करना निरर्थक है, गुरु की कोई सूरत नहीं होती। उनके आदर्श तो दिल में बसते हैं।
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सत्संग में किरीट भाई के वचनों से मंत्रमुग्ध होकर वहां मौजूद पुरुष और महिलाएं झूमने लगे।
सत्संग के दौरान कथाचार्य ने गौसेवा-निर्बल सेवा पर भी जोर दिया। उधर, फैजाबाद रोड के पपनामऊ में स्वामी अभयानंद सरस्वती ने प्रवचन से श्रद्धालुओं को मुग्ध किया।