कानपुर के बिकरू गांव में सीओ सहित 8 पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले दुर्दांत विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे 21 दिन बाद मीडिया के सामने आई। ऋचा ने कहा कि मैं 17 घरों की बर्बादी का दर्द बयां नहीं कर सकती है। पुलिसकर्मियों की पत्नियां विधवा होने के लिए नहीं थी, लेकिन विकास की जिद ने कर दिया। मैं उनका दर्द समझ सकती हूं।
एक समय लगा कि अगर वह सामने होता तो खुद अपने हाथ से गोली मार देती। दो जुलाई की रात दो बजे रात को विकास का फोन आया था। उसने कहा कि बच्चों को लेकर घर से चली जाओ। इस पर कहासुनी हुई। रिचा ने कहा कि उसका घर बर्बाद कर दिया। विकास ने गालियां दी।
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Richa Dubey
- फोटो : सोशल मीडिया
गुस्से में रिचा ने मोबाइल पटक दिया। इसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। कृष्णानगर के आवास पर कुछ मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि दो जुलाई की रात क्या हुआ था? उसे नहीं मालूम। दो बजे रात को विकास का फोन आया।
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Richa Dubey
- फोटो : सोशल मीडिया
उसने कहा कि गांव में उसका कुछ लोगों से विवाद हो गया है। वह बच्चों के साथ घर छोड़कर कहीं चली जाए। इस पर रिचा ने कहा कि तुमने मेरा घर बर्बाद कर दिया। विकास ने दूसरी तरफ से गालियां देते हुए घर छोड़ने की हिदायत दी। इस पर गुस्से में रिचा ने मोबाइल को पटक दिया। इसके बाद पैदल ही बच्चे को लेकर निकल गई थी।
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विकास दुबे एवं पत्नी रिचा दुबे
- फोटो : amar ujala
उसे पुलिस पर हमले की जानकारी बस स्टेशन के एक होटल में नाश्ता करते समय सुबह 7.30 बजे हुई। वहां पता चला कि विकास दुबे ने सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोली मार दी। आठ घायल भी हैं। इसके बाद वह छिपते हुए वहां से निकल गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
कभी कचहरी नहीं गई, जेल में भी नहीं मिली
रिचा दुबे ने कहा कि विकास पर 60 मुकदमें हैं। इसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। वह न तो कभी विकास के लिए कचहरी गई। न ही कभी जेल उससे मिलने। ऐसे में उस पर कितने मुकदमें है। इसके बारे में कैसे जानती। रिचा ने कहा कि कोई अपराधी पैदा नहीं होता है। यहीं बनाया जाता है। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहती।
विकास दुबे की पत्नी ने दिया बड़ा बयान
- फोटो : अमर उजाला
रिचा के मुताबिक विकास के पुलिसकर्मियों से काफी अच्छे संबंध थे। वह लॉकडाउन के दौरान 10 से 15 पुलिसकर्मियों को रोज खाना बनवाकर खुद खिलाता था। उसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम कैसे दिया इसके बारे में अंदाजा ही नहीं लगा सकती है। तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी के बारे में उन्होंने साफ इनकार कर दिया। कहा कि उनसे कोई मुलाकात नहीं हुई थी।