हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड के साजिश रचने वाले गुजरात के सूरत निवासी रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद, मौलाना मोहसिन शेख व फैजान यूनुस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया। यहां एसआईटी के साथ ही एनआईए, एटीएस, आईबी और अन्य एजेंसियों के अधिकारी दिनभर उनसे पूछताछ करते रहे।
विज्ञापन
2 of 5
कमलेश तिवारी हत्याकांड।
- फोटो : amar ujala
पुलिस की पूछताछ में साजिशकर्ताओं ने बताया कि कमलेश की हत्या के लिए लखनऊ आए शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद को बृहस्पतिवार रात ही वारदात को अंजाम देना था। यही वजह थी कि हत्यारों ने कानपुर देहात से कमलेश के नंबर पर कॉल करके उससे मिलने का समय मांगा था। लखनऊ पहुंचने के बाद रात करीब साढ़े बारह बजे भी उन्होंने कमलेश को कॉल की थी, लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। इसके बाद शुक्रवार सुबह वारदात की।
विज्ञापन
3 of 5
कमलेश
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि शुक्रवार को लखनऊ में नाका के खुर्शीदबाग की तंग गलियों में रहने वाले हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (50) की दो बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। दोनों बदमाश मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर कमलेश के घर की पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर पहुंचे। वहां उन्होंने पहले उनकी गर्दन पर गोली मारी। फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद गला रेत दिया था।
4 of 5
कमलेश तिवारी हत्याकांड के साजिशकर्ता
- फोटो : ANI
इसके बाद यूपी पुलिस ने 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा कर दिया था। पुलिस ने घटना में शामिल तीन लोगों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया था। वहीं, बिजनौर से षड्यंत्र में शामिल मौलाना अनवारुल हक और मौलाना नईम कासनी को हिरासत में लिया था। यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया था कि घटनास्थल से जांच के दौरान मिले मिठाई के डिब्बे से अहम सुराग मिले और गुजरात पुलिस की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
साजिशकर्ताओं से पूछे गए यह सवाल
- कमलेश की हत्या का इरादा कब और कैसे बना
- साजिश भारत में रची गई या दुबई में
- हत्या के लिए बाकी साथियों को कैसे जोड़ा
- हत्या के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए
- कमलेश के बारे में जानकारियां कैसे जुटाईं
- वारदात में किन-किन लोगों का सहयोग लिया
- वारदात के लिए पिस्टल कहां से आई
- आर्थिक मदद व संसाधन किसने जुटाए
- किन प्रदेशों और शहरों के लोगों ने मदद की
- लखनऊ में कौन-कौन मददगार हैं