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आरुषि हत्याकांड सुलझाने में यूपी के नए डीजीपी की थी अहम भूमिका

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यूपी सरकार ने नए साल के पहले दिन सैय्यद जावीद अहमद को यूपी का नया डीजीपी नियुक्त किया। जानिए नए डीजीपी के बारे में ये बातें...
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आरुषि हत्याकांड सुलझाने में यूपी के नए डीजीपी की थी अहम भूमिका

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जावीद अहमद बिहार के रहने वाले हैं और 1984 बैच के आईपीएस हैं। इससे पहले वह रेलवे के डीजी पद पर तैनात थे।

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नए डीजीपी जावीद अहमद ने आज सुबह यूपी के सीएम से मुलाकात की। इसके साथ ही बताया कि यूपी में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।

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उन्होंने कहा कि हमें जनता के बीच जाकर उस जनता का विश्वास जीतना होगा। ऐसा काम करना होगा कि जनता का विश्वास बढ़ सके।
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बता दें कि सैय्यद जावीद अहमद सीबीआई में विशेष निदेशक के पर पर तैनात थे। उन्होंने आरुषि-हेमराज हत्याकांड की दोबारा जांच करके आरोपियों को पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई थी।
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जावीद अहमद ने परिस्थितिजन्य सुबूतों के आधार पर आरुषि हत्याकांड की सफल जांच की थी जिसकी वजह से तलवार दंपत्ति को सजा हुई थी।
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ऐसा माना जाता है कि तलवार दंपत्त‌ि के प्रभाव के चलते जावीद अहमद को पांच साल में ही उत्तर प्रदेश राज्य सेवा में वापस बुला लिया गया था। जबकि नियम के अनुसार आईपीएस अफसर का सीबीआई में डेप्यूटेशन पीरियड सात साल का हो सकता है।

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जावीद अहमद को साल 2000 में डीआर्इजी के पद पर प्रमोशन मिला और 2005 में वह आईजी बने।
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2005 में आईजी बनने के बाद जावीद 2011 में एडीजी बने और 2015-16 में डीजी के पद पर प्रमोशन मिला।
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