इन निमार्णों में मुख्य भवन के सुधार व सौंदर्यीकरण पर 78.39 लाख रुपये खर्च किए गए। मुख्य भवन के अतिरिक्त कार्यों की लागत पोर्च समेत 64.54 लाख रुपये आई।
174.95 लाख रुपये की लागत से दो मंजिला अतिथिगृह और 156.50 लाख रुपये की लागत से दो मंजिला सुरक्षा भवन एवं प्रतीक्षालय बनवाए गए।
दो मंजिले सर्वेंट क्वार्टर ब्लॉक पर 56.63 लाख रुपये और जनरेटर कक्ष पर 22.92 लाख रुपये खर्च हुए। इसके अलावा ट्रीमिक्स फ्लोरिंग पर 13.19 लाख तथा पाथ वे पर 1.23 लाख रुपये खर्च किए गए। इन सभी निर्माण कार्यों की कुल लागत 5 करोड़ 57 लाख 86 हजार रुपये आंकी गई।
इसमें से 89.996 लाख रुपये से एक मंजिला गेस्ट हाउस, सुरक्षा एवं एक मंजिला प्रतीक्षालय भवन पीडब्लूडी ने बनाया था। इस प्रकार राज्य संपत्ति विभाग व पीडब्लूडी से इतर 4 करोड़ 67 लाख 86 हजार 400 रुपये का निर्माण कराया गया।
आवास खाली करते समय पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए गए कार्य में मुख्य आवासीय भवन के फर्श में 64822.42 रुपये का नुकसान हुआ। अन्य निर्माण कार्यों में मुख्य भवन के सेनेटरी फिक्चर्स में 32816.87 रुपये, गेस्ट हाउस में ब्रिक वर्क, प्लास्टर, पेंट व सेनेटरी फिक्चर्स में 296278.50 रुपये और सुरक्षा एवं प्रतीक्षालय भवन में 190106.50 रुपये की क्षति आंकी गई।
इस तरह लोक निर्माण विभाग के कार्यों में 64822.42 लाख और अन्य निर्माण कार्यों में 519,201.46 लाख रुपये की क्षति हुई है। आवास खाली करते समय कुल क्षति 584023.88 लाख रुपये की हुई है।
कैबिनेट मंत्री एवं प्रवक्ता राज्य सरकार सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सरकारी आवास में कई निर्माण कार्य राज्य संपत्ति विभाग की अनुमति के बिना कराए थे। अवैध निर्माण के बारे में कानून अपना काम करेगा।