इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ के वार्षिक मार्केटिंग फेस्ट ‘इंडेक्स-2017’ में रविवार को 'कटप्पा, बिग बी और चुलबुल पांडेय' एक ही मंच पर नजर आए। सबने ऑडियंस से मार्केटिंग के फंडे जाने। दरअसल, गोमतीनगर स्थित मॉल में आयोजित ‘इंडेक्स-2017’ में भावी प्रबंधकों ने सात अलग-अलग स्टॉल लगाए थे। कहीं भावी प्रबंधक फिल्म बाहुबली की ‘शिवगामी व कट्प्पा’ के अपने अनूठे अंदाज में नजर आए तो काई ‘अमिताभ बच्चन’ बनकर ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के माध्यम से लोगों से प्रोड्क्टस को लेकर विचार लिया। केबीसी जीतने वालों को गिफ्ट के रूप में कूपन दिया गया तो उन्होंने इससे गेम खेलकर खूब मस्ती की।
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कटप्पा और शिवगामी बनकर लोगों से मार्केटिंग के फंटे जुटाते स्टूडेंट्स।
- फोटो : amar ujala
इसी तरह ‘चुलबुल पांडेय’ अपने गुदगुदाने वाले अंदाज में नजर आए। चमत्कारी बाबा भी लोगों को खुशियां बांट रहे थे और उनकी मनोकामना पूरी कर रहे थे। वहीं लखनऊ आइडल, फुटलूज, आरजे टॉक, आरजे हंट, तंबोला आदि कार्यक्रमों के माध्यम से खूब मस्ती और धमाल भी किया। भावी प्रबंधकों ने बिग बॉस और ‘आप की अदालत’ जैसे कार्यक्रमों की भी डमी मार्केटिंग रिसर्च के लिए तैयार कर रखी थी। लोगों को भी आईआईएम के भावी प्रबंधकों का ये अंदाज खूब भाया। उन्होंने भी इसे खूब एंजॉय किया। अपने तरह के इस कार्यक्रम में भावी प्रबंधकों को मार्केटिंग के महत्वपूर्ण फंडे को सीखने का मौका मिलता है तो कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण डेटा एकत्र होते हैं। वहीं, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी जमकर मस्ती करने का मौका मिला।
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नुक्कड़ नाटक से नशाखोरी पर जड़ा तमाचा
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चुलबुल पांडेय बन अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करता छात्र।
- फोटो : amar ujala
कार्यक्रम में एमिटी यूनिवर्सिटी, बीबीडी कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से सामाजिक सरोकारों को दिखाया। इसके माध्यम से बाल अधिकारों, महिला सशक्तीकरण, नशाखोरी के प्रति जागरूक किया। एमिटी लॉ स्कूल की टीम ने पहला पुरस्कार जीता। आरजे हंट में भी युवाओं ने खूब धमाल किया।
लखनऊ आइडल में किया खूब धमाल
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प्रतिभा का प्रदर्शन करता छात्र
- फोटो : amar ujala
इंडेक्स का आकर्षण लखनऊ आइडल भी रहा। इसमें युवाओं ने सिंगल और ड्यूल सॉन्ग के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। महिला जायसवाल को लोगों को झुमाने पर प्रथम पुरस्कार दिया गया। समर प्रताप तिवारी एंड ग्रुप को ग्रुप परफॉर्मेंश के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं, फुटलूज (डांस प्रतियोगिता) में भी युवाओं ने खूब मस्ती की। समृद्धि व सलोमी की टीम ने इसका पुरस्कार जीता।
कार्यक्रम का आनंद उठाते स्टूडेंट्स।
- फोटो : amar ujala
कार्यक्रम में देर शाम साहित्य अड्डा में युवा कवियों, शायरों व गायकों ने सभी को खूब गुदगुदाया। ‘आशिक मिजाजी’ पर आधारित कार्यक्रम की शुरुआत क्षितिज चौधरी के ‘हम कभी-कभी उस लड़की से डर जाते हैं। वो कसम पिता की खाती है और चाचा जी मर जाते हैं...’ से हुई। डॉ. दुर्गेश उपाध्याय की गजल ‘ये शिला मिला है मुझको तेरी दोस्ती के पीछे, कि हजार गम लगे हैं मेरी जिंदगी के पीछे...’ ने खूब वाहवाही लूटी। अर्पित वैश्य ने सियासत-ए-आशिकी से खूब गुदगुदाया। रवि कपूर के शेर ‘पहले तो ये चुपके-चुपके यूं ही हिलते-डुलते हैं। दिल के दरवाजे हैं खुलते-खुलते खुला करते हैं’ पर युवाओं ने खूब तालियां बजाई। युवा कवि चंद्रशेखर वर्मा ने ‘सरहद पे जब गया था एक लखनवी सिपाही, उसने बड़े अदब से बंदूक भी उठाई। दुश्मन से बोला आदाब लेकिन गोली चलाने का पहला हक आपका है भाई...’ को सभी ने सराहा।