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इनामुल हक के मोबाइल से चौंकाने वाला खुलासा, आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े अहम सबूत मिले

Sat, 20 Jun 2020 10:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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इनामुल हक - फोटो : अमर उजाला
सोशल साइट्स के जरिए युवाओं में आतंक का जहर घोलने की कोशिश कर रहे यूपी के बरेली के इनामुल हक को लेकर रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। यूपी एटीएस ने मंगलवार को इनामुल हक को उसके घर से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला है कि एटीएस द्वारा गिरफ्तार इनामुल कई वर्षों से जिहादी मुहिम से जुड़ा हुआ है। वह पहले भी धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में जेल जा चुका है। एटीएस उसके सहयोगियों की तलाश में जुट गई है। इनामुल को गिरफ्तार करने के बाद एटीएस ने अदालत से उसकी दस दिन की रिमांड स्वीकृत करा पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले कि जांच कर रहे एटीएस अफसरों को जानकारी मिली है कि इनामुल पहले पंतनगर (उत्तराखंड) में धार्मिक उन्माद फैला चुका है और वह मुठभेड़ में मारे जा चुके आतंकी जाकिर मूसा का समर्थक है।
 
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Inamul haq - फोटो : अमर उजाला।
एटीएस के सूत्र बताते हैं कि उस पर मूर्ति तोड़ने का आरोप था। उसकी इस हरकत से पंतनगर में धार्मिक उन्माद की आग भड़की थी। इस मामले में उसकी मां, भाई और एक परिचित भी जेल जा चुके हैं। इसी मामले में वह छह महीने हल्द्वानी जेल में रहा था। आरोपी को उसका परिवार बेदखल कर चुका है। इनामुल के पिता बरेली के कटघर किला निवासी नूरूल हक 1977 में जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के कम्युनिकेशन सेंटर में बतौर लैब टेक्नीशियन तैनात थे।
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Inamul haq - फोटो : अमर उजाला।
एटीएस के सूत्र बताते हैं कि जाकिर की एक फेसबुक आईडी प्रकाश में आई है। इसमें वह मुठभेड़ में मारे गए आतंकी जाकिर मूसा के स्टाइल में दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने उसकी बाकी की आईडी ब्लॉक कर उनकी जांच शुरू कर दी है। केरल से उसके जुड़ाव की बात भी सामने आई है।

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Inamul haq - फोटो : अमर उजाला।
जेल से रिहा होने के बाद इनामुल ने आतंकी संगठन अल कायदा से जुड़ने की कोशिश की और संगठन से जुड़ी जानकारी बटोरने लगा। इस बीच उसने मोहम्मद शोएब उर्फ अबु मोहम्मद अल हिंदी नाम से युवकों को आतंकी संगठन के लिए रिक्रूट करने की कोशिश शुरू कर दी। वह इसके लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी कर रहा था।
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Inamul haq - फोटो : अमर उजाला।
एटीएस को उसके मोबाइल फोन से इस संबंध में कई जानकारी हासिल हुई है। इनामुल के मोबाइल में प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा द्वारा प्रकाशित साक्ष्य भी मिले चुके हैं। एटीएस इसकी जांच कर रही है। शुरुआती पूछताछ के आधार पर उसके दो साथियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
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Inamul haq - फोटो : अमर उजाला।
अच्छा होता इनामुल हमारे परिवार में पैदा नहीं हुआ होता : फरीदुल
इनामुल हक के भाई फरीदुल हक को अफसोस है कि जेहाद का आरोपी इनामुल उनके परिवार में पैदा हुआ। उसकी करतूत से परिवार बेहद दुखी है। इनामुल हक की करतूत के बारे में जब फरीदुल से बातचीत की गई तो उन्होंनेे इस बारे में अधिक बात करने से अनिच्छा जताते हुए कहा कि वह पहले से ही इनामुल की हरकतों से बहुत तकलीफ झेल चुके हैं। उनके वर्तमान के बारे में उनको ज्यादा कुछ नहीं पता। जेल से लौटने पर हम लोगों ने उसे बेदखल कर दिया था। इसके बाद हमें उसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता इनामुल उनके परिवार में पैदा नहीं हुआ होता। इनामुल शुरू से ही समाज से कटकर रहता था। यही कारण है कि उसका पंतनगर में कोई दोस्त नहीं है। पड़ोसियों ने बताया कि दंगे के बाद वह कभी दिखाई नहीं दिया। 
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