प्रो. अंजलि मिश्रा एवं डॉ गीतिका नंदा
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इन बातों का रखें ध्यान
प्रो. अंजलि मिश्रा व डॉ. गीतिका नंदा के मुताबिक, कुछ बातों को हर युवती व परिवारीजनों को ध्यान रखना जरूरी है।
- दर्द को एकदम से नजरअंदाज करना ठीक नहीं, यह लगातार बना हुआ है तो एक बार डॉक्टर से जरूर बात कर लें।
- मेडिकल गाइडलाइन के मुताबिक, ब्रेस्ट पेन के मामले जनरल सर्जन या फिर किसी स्पेशलिस्ट डॉक्टर द्वारा देखे जाते हैं। आम तौर पर होता यह है कि महिलाएं स्तन में दर्द होने पर गाइनेकोलॉजिस्ट या फिर फिजिशियन के पास जाती हैं।
- 80 फीसदी मामलों में मरीजों को खानपान संतुलित करने की सलाह दी जाती है। फैटी डाइट कम करवाई जाती है।
- काउंसलिंग की जाती है कि दर्द से ध्यान हटाएं, जैसे हमारी दादी-नानी किया करती थीं। मेडिटेशन, योग, एक्सरसाइज करने की भी सलाह देते हैं।
- कुछ मामलों में कभी-कभी दवा की जरूरत होती है, तो उसे कुछ दवाओं से धीरे-धीरे खत्म करते हैं।
- कुछ लोग बिना डॉक्टरी सलाह के मेमोग्राम करा लेते हैं, उसमें निकलता कुछ नहीं। ऐसे में उनका कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है।
- 40 वर्ष से कम उम्र की युवतियों में हम जब तक जरूरत न हो मेमोग्राम की सलाह नहीं देते। ज्यादा जरूरी होने पर अल्ट्रासाउंड करवा लेते हैं। जब तक डॉक्टर सलाह न दे तब तक इस तरह की जांचें न करवाएं।