राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाके डालीबाग में बृहस्पतिवार को बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के दो बेटों के अवैध निर्माण ढहाने में एलडीए के दस्ते को 90 मिनट लगे। एलडीए की विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास ने 11 अगस्त को अवैध निर्माण तोड़ने के लिए 15 दिन का समय दिया था। उमर व अब्बास ने अवैध निर्माण नहीं ढहाए तो 16वें दिन एलडीए ने दोनों अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए।
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : amar ujala
कार्रवाई की खास बात यह रही कि पांच साल में यह सिर्फ तीसरा मौका था जब पोकलैंड और हाइड्रा जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। एलडीए ने जिस तरह से अवैध निर्माण तोड़ा। वह भी पहली बार दिखा। नीचे से भवनों को कमजोर कर एक साथ ढहा दिया गया। हालांकि, एलडीए के प्रवर्तन जोन-6 के इंजीनियरों ने भी बिना नोटिस के ही निर्माण पूरा हो जाने दिया। इस पर भी कार्रवाई के तरीके पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : amar ujala
अधिकारियों का कहना है कि सुबह छह बजे से फोर्स, पीएसी बल और मशीनें मंगाकर अवैध निर्माण तोड़ने की तैयारी कर ली गई थी। इस दौरान वहां कुछ लोग रहते हुए मिले। पुलिस की मदद से उनका सामान बाहर निकालकर सुबह आठ बजे से इंजीनियरों ने अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू किया और 9:30 बजे तक कार्रवाई पूरी कर ली गई। भीड़ जुटने की आशंका के चलते कार्रवाई सुबह की गई।
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सामानों की जांच करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
मुख्तार के सांसद भाई को भी दिया नोटिस
पास में मुख्तार अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी को भी एलडीए ने नोटिस दिया था। दोनों अवैध निर्माण के पीछे की तरफ ही सांसद अफजाल का भी बंगला बना हुआ है। विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास ने बताया कि सांसद के निर्माण के लिए नक्शा एलडीए से स्वीकृत है। ऐसे में आगे की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। अन्य निर्माण की जांच एलडीए करा रहा है।
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मुख्तार अंसारी
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पांच साल में तीसरी बड़ी कार्रवाई
अवैध निर्माण तोड़ने के लिए बड़ी मशीनों का उपयोग पांच साल में तीसरी बार हुआ है। तीनों प्रकरण राजनेताओं से जुड़े हैं। सपा सरकार में जियामऊ में विधायक रामपाल की बेटी और उनकी पत्नी का अवैध निर्माण एलडीए ने तोड़ा था। वहीं, भदरुख में बंगला बाजार रोड पर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति का अवैध निर्माण भी धराशाई कर दिया गया था। इसके उलट गोमतीनगर के विजयंतखंड में हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण तोड़ने में एलडीए को दो महीने से अधिक लग गए थे।
प्रशासन से नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
निष्क्रांत संपत्ति पर निर्माण की जानकारी सामने आने पर एलडीए ने इसकी सूचना प्रशासन को दी थी। संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने खुद प्रशासन के अधिकारियों से फोन पर बात की। इसके बावजूद कोई अधिकारी कार्रवाई के समय नहीं पहुंचा। अब संयुक्त सचिव ने डीएम को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। ताकि प्रशासन कस्टोडियन की हैसियत से जमीन पर कब्जा ले सके।