नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के मगरमच्छ बाड़े में 11 नन्हे मगरमच्छ आने के बाद अब गैंडा, हुक्कू बंदर और सारस बाड़े में भी नए मेहमानों के आने की तैयारियां तेज हो गई है।
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- फोटो : डेमो
वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जल्द ही हुक्कू बंदर का जोड़ा मंगाया गया है, जिसकी प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में हैं, वहीं कानपुर जू से गैंडा लाने की तैयारी है। उधर, राज्यपक्षी सारस का कुनबा भी बढ़ने की उम्मीद है। जू प्रशासन की माने तो जुलाई-अगस्त तक तीनों वन्यजीवों का कुनबा बढ़ जाएगा। फिलहाल जू प्रशासन ने नए मेहमानों को लाने की तैयारियां तेज कर दी है।
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आबाद होगा गैंडा बाड़ा
करीब पांच माह पूर्व अलविदा कह गए जू के एकमात्र गैंडा की भरपाई कानपुर के युवा गैंडा से करने की तैयारी है। जू प्रशासन के मुताबिक कानपुर प्राणि उद्यान से एक-दो महीनों में गैंडा आ सकता है। कानपुर जू प्रशासन ने गैंडा देने से हां कर दिया है। अब कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। कागजी कार्रवाई के बाद प्रस्ताव केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को भेजा जाएगा, जहां से अनुमति मिलते ही करीब तीन वर्षीय गैंडा को कानपुर से लखनऊ जू लाया जाएगा।
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बढ़ेगा सारस का कुनबा
जून के तीसरे सप्ताह के बाद मादा सारस ने अंडे दिए हैं। जुलाई के आखिर तक इसमें से नन्हे मेहमान आने की उम्मीद है। नर और मादा सारस अंडे को सेह रहे हैं। वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला के मुताबिक अप्रैल से जून तक उनका ब्रीडिंग सीजन होता है, ऐसे में अब जून के तीसरे सप्ताह के बाद अंडे दिए हैं। देखभाल जारी है। मालूम रहे कि पिछले दो सालों से बंदर बाड़े के पास बने विशालकाय सारस बाड़े में रहने वाला जोड़ा मार्च-अप्रैल के आसपास अंडे दे रहा था, मई में उनके चूजे बाहर आ रहे थे।
शिलांग से आएंगे हुक्कू
तीन साल पहले भेजे गए प्रस्ताव का रिमांइडर भेजने के बाद शिलांग जू प्रशासन ने दुर्लभ हुलक गिब्बन प्रजाति के हुक्कू बंदर का जोड़ा देने को राजी हो गया है। प्रस्ताव पूर्व निदेशक के समय भेजा गया था, जिसका रिमांइडर भेजे जाने के बाद दोनों प्राणि उद्यानों में सहमति बनी है। शिलांग से हुक्कू बंदर के जोड़े को जल्द ही जू लाया ज सकता है। नॉर्थ ईस्ट में पाए जाने वाले हुक्कू की औसत आयु 35 से 40 वर्ष होती है। जू चिकित्सकों के मुताबिक मानसूनी बारिश थमने के साथ ही उसे लाने की प्लानिंग की जाएगी।