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अब भाजपा को हराने वाली रीता खुद भाजपाई, देखें लखनऊ का चुनावी मंथन

Fri, 06 Jan 2017 12:39 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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रीता बहुगुणा जोशी - फोटो : amar ujala
विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सर्द हवाओं के बावजूद राजधानी का सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी बिसात पर हार-जीत को लेकर जहां सियासी दलों में किस प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारे पर मंथन होता दिखा, वहीं मतदाता भी सियासी समर में जीत-हार तय करने को योग्यता के आधार पर प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की इच्छा जताता दिखा।
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चुनाव - फोटो : amar ujala
सदर सीट
भाजपा को हराने वाली अब खुद भाजपाई 
15 साल तक भाजपा के कब्जे में रही कैंट सीट पर वर्ष 2012 के चुनाव में कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ने वाली रीता बहुगुणा जोशी ने भाजपा प्रत्याशी को चित कर सफलता पाई थी। चुनाव से पहले विधायकी से इस्तीफा देकर रीता बहुगुणा जोशी अब भाजपा पाले में चले जाने के कारण इस सीट पर भी भाजपा को पुराना कब्जा पाने के लिए पूरी ताकत झोकनी पड़ेगी। सिख, पंजाबी व सिंधी बाहुल्य इस विधानसभा क्षेत्र में अभी तक बसपा, सपा व भाजपा ने कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। सपा की तरफ से घोषित प्रत्याशी अपर्णा यादव भी मुलायम अखिलेश के बीच चल रहे विवाद के कारण चुनाव में हिस्सेदारी करेगी अथवा नहीं, इसे लेकर भी ऊहापोह है।
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हजरतगंज - फोटो : amar ujala
लखनऊ मध्य
कब्जा वापसी की दिखेगी जंग  
वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद बदली भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी की तरफ से रविदास मेहरोत्रा ने जीत हासिल कर कब्जा जमाया था। जमीनी स्तर से जुड़े रविदास को बाद में अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया। बीते समय में लंबे समय तक भाजपा के कब्जे में रही इस सीट पर फिर से जीत हासिल करने को पार्टी द्वारा सशक्त प्रत्याशी उतारे जाने की उम्मीद के चलते इस बार लखनऊ मध्य में चुनावी जंग जोरदार होने की उम्मीद है। मालवीय नगर, ऐशबाग, अमीनाबाद, रकाबगंज, सुभाष नगर, विपुल खंड सहित गोमती नगर के कई इलाके इस विधानसभा क्षेत्र में शामिल हैं।

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कारागार - फोटो : amar ujala
लखनऊ पूर्वी 
सीट बचाए रखना होगा चुनौती
परंपरागत तौर पर भाजपा के प्रभाव क्षेत्र वाली इस सीट पर वर्तमान में भाजपा के गोपाल टंडन उपचुनाव में जीत हासिल कर काबिज है। वर्ष 2012 में इस सीट से भाजपा ने अपने कद्दावर नेता व केंद्र सरकार में मंत्री कलराज मिश्रा को विधायकी चुनाव लड़ाया था। वर्ष 2012 के चुनाव में राजधानी में जबरदस्त प्रदर्शन करने के बाद भी सपा प्रत्याशी इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाया था। इस बार सपा में मची घमासान के बीच डॉ. श्वेता सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है जबकि भाजपा की तरफ से भी गोपाल टंडन को ही फिर से प्रत्याशी बनाने के पूरे आसार माने जा रहे हैं। भाजपा के लिए इस सीट को बचाना बड़ी चुनौती होगा।
 
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एयरपोर्ट - फोटो : amar ujala
सरोजनीनगर
सपा से सीट छीनने की होगी को‌श‌िश
इस सीट पर सपा का वर्चस्व रहा है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की मिलजुली आबादी वाले इस विधानसभा सीट पर बीते चुनाव में सपा की तरफ से शारदा प्रताप शुक्ल ने जीत हासिल की थी। अखिलेश सरकार में कबीना मंत्री बनने के बाद अब फिर से सपा प्रत्याशी घोषित होने पर जहां उनकी प्रतिष्ठा इस बार चुनाव में दांव पर होगी, वहीं बदली स्थिति में भाजपा व बसपा भी यहां से किसी सशक्त को प्रत्याशी बना कर यह सीट चुनाव के दौरान सपा से छीनने की पूरी कोशिश में दिखेंगे। कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी, तेलीबाग, आशियाना, रुचि खंड, रवि खंड रतन खंड सहित सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र के कई गांव क्षेत्र इस विधानसभा में आते हैं।  
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आम - फोटो : amar ujala
मलिहाबाद
दांव पर भाजपा सांसद की साख
ग्रामीण मतदाताओं से जुड़ी इस सीट पर वर्तमान में सपा के इंदल रावत का कब्जा है। बीते चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हरा कर जीत हासिल करने वाले सपा प्रत्याशी से इस बार चुनाव में फिर से भाजपा को जीत दिलाना मोहनलालगंज से भाजपा सांसद कौशल किशोर के लिए भी बड़ी चुनौती होगा। मूलरूप से मलिहाबाद से जुड़े भाजपा सांसद के इस बार इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए सबकुछ दांव पर लगाने की उम्मीद है। सपा में चल रही घमासान के बाद वर्तमान सपा विधायक इंदल रावत का टिकट भी फिलहाल कट जाने के बाद मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
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चंद्र‌िका देवी मं‌द‌िर - फोटो : amar ujala
बख्शी का तालाब
बसपा से छीनी थी सपा ने सीट
ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाता वाली बीकेटी सीट पर भी बीते चुनाव में सपा के गोमती यादव ने जीत हासिल की थी। सपा ने यह सीट बसपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नकुल दुबे को हरा कर छीनी थी। भाजपा प्रत्याशी अभी तक इस सीट पर जीत का खाता नहीं खोल सके हैं। ग्रामीण के साथ ही शहरी क्षेत्र के गुडंबा, चिनहट व ट्रांस गोमती क्षेत्र के कुछ इलाके भी बीकेटी सीट के दायरे में आते हैं।

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बादशाहनगर - फोटो : demo pic
लखनऊ पूर्वी 
सीट बचाना भाजपा के ल‌िए चुनौती
परंपरागत तौर पर भाजपा के प्रभाव क्षेत्र वाली इस सीट पर वर्तमान में भाजपा के गोपाल टंडन उपचुनाव में जीत हासिल कर काबिज है। वर्ष 2012 में इस सीट से भाजपा ने अपने कद्दावर नेता व केंद्र सरकार में मंत्री कलराज मिश्रा को विधायकी चुनाव लड़ाया था। वर्ष 2012 के चुनाव में राजधानी में जबरदस्त प्रदर्शन करने के बाद भी सपा प्रत्याशी इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाया था। इस बार सपा में मची घमासान के बीच डॉ. श्वेता सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है जबकि भाजपा की तरफ से भी गोपाल टंडन को ही फिर से प्रत्याशी बनाने के पूरे आसार माने जा रहे हैं। भाजपा के लिए इस सीट को बचाना बड़ी चुनौती होगा।

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पुल - फोटो : amar ujala
लखनऊ उत्तर
दांव पर रहेगी मंत्री की प्रतिष्ठा 
परिसीमन के बाद वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में बनी लखनऊ उत्तर सीट पर वर्तमान में समाजवादी पार्टी के युवा नेता व सीएम अखिलेश के काफी करीबी और कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा का कब्जा है। मिलीजुली आबादी वाले इस विधानसभा क्षेत्र में अभिषेक मिश्रा जहां कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में कराए गए विकास कार्य का हवाला देकर मतदाताओं को फिर से अपने पक्ष में लुभा कर चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश में रहेंगे जबकि उनसे मुकाबले को चुनावी मैदान में भाजपा, कांग्रेस व बसपा की तरफ से कौन सामने आएगा इसके पत्ते खुलना बाकी है। शहरी क्षेत्र होने के कारण ठाकुरगंज, लाजपतनगर, सीतापुर रोड, पहाड़पुर, फैजुल्लागंज व जानकीपुरम जैसे इलाके इस क्षेत्र में शामिल हैं।  
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अमीनाबाद - फोटो : demo pic
लखनऊ  पश्चिम
चुनौती बनेगा फिर से कब्जा 
सालों से भाजपा की परंपरागत सीट रही लखनऊ पश्चिम में पिछले चुनाव में सपा के  मो. रेहान ने निवर्तमान कांग्रेस विधायक व प्रत्याशी को पटखनी देकर कब्जा जमाया था। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन का कार्यक्षेत्र रहने के करीब पंद्रह साल तक भाजपा के कब्जे में रही पश्चिम विधानसभा सीट पर लालजी टंडन के सांसद बनने के बाद वर्ष 2010 में हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हराकर कांग्रेस के श्याम किशोर शुक्ला ने जीत हासिल की थी, लेकिन दो साल बाद ही हुए विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी ने यहां जीत का परचम लहराया था। इस बार सपा की तरफ से जहां मो. रेहान फिर से चुनाव मैदान में ताल ठोकते नजर आएंगे, वहीं भाजपा, कांग्रेस व बसपा की तरफ से प्रत्याशी के नाम का अभी इंतजार है। नक्खास, अबंरगंज, वजीरगंज, टूड़ियागंज, चौपटिया, आलमनगर व राजाजीपुरम इलाके का कुछ हिस्सा इस विधानसभा क्षेत्र में आता है। 
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