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रणजीत हत्याकांड: स्मृति ने पुलिस को खूब उलझाया, एक गलती से खुल गया कत्ल का राज

Fri, 07 Feb 2020 10:23 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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ranjeet bachchan murder case - फोटो : अमर उजाला
रणजीत बच्चन हत्याकांड के खुलासे को पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने आठ टीमें लगाई थीं। इन्होंने 80 घंटे में वारदात का खुलासा कर दिया। आठ बिंदुओं पर शुरू हुई पड़ताल प्रेम त्रिकोण पर खत्म हुई। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने 87 लोगों की कॉल डिटेल निकलवाई, जिसमें से 18 के नंबर डायवर्जन पर भी लिए। पुलिस ने वारदात स्थल से ओसीआर और कुछ होटलों के 72 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इनसे अहम सुराग मिले।
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रणजीत बच्चन हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
आठ बिंदुओं पर की गई पड़ताल
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक टीम ने नौकरी के नाम पर रुपये का लेनदेन, पारिवारिक विवाद, जमीन से जुड़ा विवाद, रुपये के लेनदेन, पति-पत्नी के बीच संबंध, रणजीत के रिश्ते और कनेक्शन, आतंकी हमले जैसे बिंदुओं पर काम किया। आतंकी हमले की बात पहले ही दिन गलत निकली। जब दोनों पत्नियों के रिश्तों के बारे में जानकारी ली तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस ने इन पर छानबीन शुरू की तो हत्या का राज फाश हो गया।
 
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ranjeet bachchan - फोटो : amar ujala
स्मृति ने पुलिस को खूब छकाया
हत्याकांड के बाद से पुलिस ने रणजीत की दोनों पत्नियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। पुलिस ने फुटेज से मिली हत्यारों की फोटो कालिंदी को दिखाई तो उसने पहचानने से इंकार कर दिया। वहीं, स्मृति ने पहले इंकार किया, फिर गोरखपुर निवासी रणजीत के करीबी युवक का नाम बता दिया। इस पर पुलिस की एक टीम गोरखपुर का कनेक्शन खंगालने लगी। स्मृति ने पुलिस से दीपेंद्र के साथ बातचीत से भी इंकार किया।

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घटनास्थल पर पुलिसकर्मी मौजूद हैं और मामले की जांच जारी है। - फोटो : amar ujala
विकासनगर थाने में दर्ज कराया था केस
स्मृति ने शादी के दो साल बाद वर्ष 2016 में विकासनगर थाने में दहेज प्रताड़ना, मारपीट का केस दर्ज कराया। इससे नाराज रणजीत उसके घर पहुंचा और हंगामा करने लगा। विरोध पर स्कूटी जला दी। पड़ोस के युवक की बाइक भी कुछ दिन बाद जलाई थी। इसका मुकदमा स्मृति की मां व पड़ोसी ने दर्ज कराया था। दहेज प्रताड़ना के साथ स्मृति ने तलाक की अर्जी डाली, जिसे सुनवाई पर खारिज कर दिया गया। इसके बाद दोबारा उसने अलग रहने की अर्जी डाली, जिसकी सुनवाई चल रही है। 10 फरवरी को सुनवाई होने वाली थी।
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रणजीत बच्चन। - फोटो : amar ujala
सिर्फ गुमराह करने को लूटा था मोबाइल
हत्या से पहले हमलावरों ने रणजीत व आदित्य का मोबाइल लूटा था। इससे पुलिस को लगे कि लुटेरों ने वारदात की है। हालांकि, इस कहानी से वारदात के चंद घंटों बाद ही पर्दा उठ गया। दोनों के मोबाइल लक्ष्मण मेला मैदान के पास पड़े मिले। फिर पुलिस ने मोबाइल के जरिये हत्यारों तक पहुंचने की कवायद शुरू की।
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