राजधानी लखनऊ स्थित ओसीआर के बी ब्लॉक के फ्लैट नंबर 604 में रहने वाले विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या में दूसरी पत्नी स्मृति की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक रणजीत की उससे मुलाकात वर्ष 2014 में हुई। उस समय स्मृति ने मृतक पिता की एसयूवी बेचने को ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। इसे लेकर दोनों में बातचीत हुई। इसके बाद रणजीत उसके पिता की पेंशन से लेकर पीएफ फंड निकलवाने में मददगार बना। दोस्ती आगे बढ़ी और दोनों ने 18 जनवरी 2015 में शादी कर ली।
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घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान स्मृति गर्भवती हुई। तब उसे रणजीत की पहली शादी का पता चला। इसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गए। पुलिस के मुताबिक रणजीत ने कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया की कालिंदी शर्मा से वर्ष 2014 में गोरखपुर के कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में शादी की थी। रणजीत की दूसरी शादी की जानकारी हुई तो कालिंदी ने गोरखपुर के महिला थाने में केस दर्ज कराया। रणजीत ने अपने प्रभाव व सरकार में रसूख से इस पर अंतिम रिपोर्ट लगवा दी। वहीं, कालिंदी को बतौर पत्नी रखने को तैयार हो गया।
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ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
समझौते के बाद दोनों ओसीआर स्थित फ्लैट में रहने लगे। महिला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ तो स्मृति को रणजीत के शादीशुदा होने का पता चला। दोनों के रिश्ते प्रभावित होने लगे। स्मृति दूरी बनाने लगी, जो रणजीत को नागवार गुजरा। वह स्मृति पर दबाव बनाने लगा। यहां तक कि धमकी देकर उससे शारीरिक संबंध भी बनाता था। पुलिस के मुताबिक कई बार रणजीत ने दोनों पत्नियों को एक साथ घर में रखा। विरोध करने पर दोनों को प्रताड़ित करता था।
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रणजीत बच्चन हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
विकासनगर थाने में दर्ज कराया था केस
स्मृति ने शादी के दो साल बाद वर्ष 2016 में विकासनगर थाने में दहेज प्रताड़ना, मारपीट का केस दर्ज कराया। इससे नाराज रणजीत उसके घर पहुंचा और हंगामा करने लगा। विरोध पर स्कूटी जला दी। पड़ोस के युवक की बाइक भी कुछ दिन बाद जलाई थी। इसका मुकदमा स्मृति की मां व पड़ोसी ने दर्ज कराया था। दहेज प्रताड़ना के साथ स्मृति ने तलाक की अर्जी डाली, जिसे सुनवाई पर खारिज कर दिया गया। इसके बाद दोबारा उसने अलग रहने की अर्जी डाली, जिसकी सुनवाई चल रही है। 10 फरवरी को सुनवाई होने वाली थी।
हादसे के बाद दीपेंद्र के संपर्क में आई स्मृति
स्मृति ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2018 में वह बस हादसे में घायल हो गई थी। उसी बस में रोडवेज में तैनात दीपेंद्र के बड़े भाई देवेंद्र भी थे। घायल स्मृति को उन्होंने इलाज के लिए भेजा। कुछ दिन बाद देवेंद्र कैंसर से पीड़ित हो गए। इसकी जानकारी पर स्मृति 2019 में उनके घर रायबरेली मिलने कई बार गई। इस दौरान उसकी दोस्ती दीपेंद्र से हो गई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों ने शादी करने का फैसला किया। इसकी जानकारी होने पर रणजीत ने स्मृति को धमकाना शुरू कर दिया। रणजीत से छुटकारा पाना को दोनों योजना बना रहे थे। इसी बीच रणजीत ने 17 जनवरी 2020 को स्मृति को सिकंदरबाग चौराहे पर थप्पड़ जड़ दिए। इसकी जानकारी पर दीपेंद्र ने हत्या की योजना बनाई। इसमें अपने चचेरे भाई जितेंद्र व चालक संजीत को शामिल किया।