अवध में एक कहावत कही जाती है, 'हाथ न गोड़, पहाड़ चढ़े जात हैं।' प्रदेश में राजस्व विभाग का कामकाज कुछ इसी अंदाज में चल रहा है। इस विभाग में करीब दो दर्जन से अधिक सेवा संवर्ग हैं। इनमें फील्ड में आम लोगों की सहायता, सहूलियत से जुड़े ज्यादातर संवर्गों के एक तिहाई से दो तिहाई तक पद खाली हैं। कई सेवा समूहों के सभी पद खाली हो गए हैं। पर, इन रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई लालफीताशाही में उलझ कर रह गई है।
विज्ञापन
2 of 12
फाइल फोटो
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राजस्व विभाग में सामूहिक रूप से 95,621 पद सृजित हैं। इनमें समूह ‘क’ के 1,004, समूह ‘ख’ के 1,116, समूह ‘ग’ के 67,524 और समूह ‘घ’ के 25,977 पद हैं। इनमें से समूह क, ख, ग व घ के रिक्त पदों को मिला लें तो करीब 30 हजार पद खाली हैं। राजस्व प्रशासन में नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, सहायक चकबंदी अधिकारी, लेखपाल, अमीन, सर्वे कानूनगो, प्रशासनिक अधिकारी, लिपिक, चैनमैन, चकबंदीकर्ता, जरीबमैन जैसे संवर्गों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं।
विज्ञापन
3 of 12
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ये पद भरे जाएं तो बेरोजगार युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से नौकरियों के अवसर मिल सकते हैं। काम के बोझ से दबे और छोटी-छोटी बात पर कार्रवाई का सामना कर रहे तनावग्रस्त फील्ड कर्मचारियों को तभी कुछ राहत भी मिल सकती है। लेकिन, रिक्त पदों को भरने के लिए सीधी भर्ती से पदोन्नति तक की फाइलें लालफीताशाही की शिकार हैं।
4 of 12
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
प्रमुख संवर्गों में रिक्त पदों की स्थिति
फील्ड संवर्ग कुल पद रिक्त पद
प्रधानाध्यापक 10 09
सहायक भूलेख अधिकारी 57 57
सहायक अध्यापक 55 55
राजस्व निरीक्षक 4281 1073
लेखपाल 30937 7019
वस्तावरदार 17 17
चैनमैन 1420 536
योग 36667 8757
अधिकारी संवर्ग
तहसीलदार 766 327
नायब तहसीलदार 1234 853
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी 75 59
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी 54 16
प्रशासनिक अधिकारी 354 148
कुल 2483 1403
भूमि अध्याप्ति संवर्ग में प्रमुख पदों की रिक्तियां
अपर जिलाधिकारी 10 3
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी 36 31
उप भूमि अध्याप्ति अधिकारी 03 01
नायब तहसीलदार 38 38
वरिष्ठ सहायक 95 53
कनिष्ठ सहायक 234 104
अमीन 415 135
चकबंदी विभाग में प्रमुख पदों की रिक्तियां
उप संचालक चकबंदी 23 22
बंदोबस्त अधिकारी 83 22
सहायक चकबंदी अधिकारी 820 324
वरिष्ठ सहायक 258 114
चकबंदीकर्ता 1794 426
नोट- रिक्तियां एक अप्रैल, 2019 की स्थिति के अनुसार हैं। वर्तमान में इनमें कुछेक संवर्गों की रिक्तियों में अंतर संभव है। काम बढ़ता जा रहा, नए पद बन नहीं रहे, खाली भर नहीं रहे
विज्ञापन
7 of 12
फाइल फोटो
विभाग से जुड़े कर्मी बताते हैं कि राजस्व प्रशासन का कामकाज लगातार बढ़ रहा है। राजस्व क्षेत्रों में जनसंख्या और विवाद बढ़ रहे हैं। उनके समाधान के लिए दबाव का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। मॉनिटरिंग का तंत्र भी लगातार चुस्त हो रहा है। दैवी आपदा और महामारी के साथ किसानों की मदद, राशन वितरण और प्रवासी श्रमिकों के चिन्हांकन, स्किल मैपिंग और उन्हें आर्थिक सहायता पहुंचाने में राजस्वकर्मियों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई।
8 of 12
फाइल फोटो
- फोटो : pti
ऐसा तब हो रहा है जब इनमें से कई काम के लिए अलग-अलग विभाग हैं। पर, राजस्वकर्मियों के साथ सरकार की प्राथमिकता के हिसाब से नियमित तौर पर नए-नए काम जुड़ते जा रहे हैं। इनमें से हर काम की टाइमलाइन फिक्स हो रही है और ऑनलाइन रिपोर्टिंग में तनिक भी चूक जलालत बढ़ाने वाली साबित हो रही है। सेवा संघ के एक पदाधिकारी बताते हैं कि जिम्मेदारी निर्धारण के वक्त यह भी नहीं देखा जाता कि फील्ड कर्मचारियों के पास दो से तीन क्षेत्र के काम का अतिरिक्त दबाव है। एक कर्मचारी जिसे खुद उपस्थित होकर हर काम करना है, एक समय पर सभी काम कैसे सम्भव है?
9 of 12
फाइल फोटो
संग्रह अमीनों के लिए राजस्व वसूली का मानक तय है। लेकिन, संग्रह अमीन के पद रिक्त होते जा रहे हैं, वितीय संस्थान, बैंक, स्टांप, मनोरंजन कर सहित विभिन्न विभागों की वसूली से जुड़े काम बढ़ते जा रहे हैं। सरकार रिक्त पदों को भरने की जगह संग्रह अमीनों के लिए वसूली का मानक बढ़ाती जा रही है। इससे कर्मियों की परेशानी बढ़ रही है। रिक्त पदे भरे जाने चाहिए और कार्य की वृद्धि के हिसाब से नए पद सृजित किए जाने की जरूरत है। - ओम प्रकाश दीक्षित,
10 of 12
फाइल फोटो
कार्यवाहक प्रांतीय अध्यक्ष संग्रह अमीन संघ
प्रदेश में लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर स्तर पर जितनी अधिक संख्या में रिक्तियां हैं, अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि फील्ड में राजस्व कर्मियों पर काम का कितना अधिक दबाव है। सक्षम स्तर पर कई बार रिक्त पदों को भरने की मांग की गई है। अभी तक नतीजा सामने नहीं आ सका है। कार्य की अधिकता बढ़ने से संवर्ग को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संवर्ग में निराशा बढ़ रही है। - निखिल शुक्ला व अनुराग सिंह, अध्यक्ष/ महामंत्री राजस्व प्रशासनिक अधिकारी संघ
11 of 12
फाइल फोटो
परिषद रिक्त पदों को भरने की कर रहा कार्रवाई: दीपक
राजस्व परिषद के चेयरमैन दीपक त्रिवेदी का कहना है कि राजस्व विभाग के रिक्त पद अलग-अलग भर्ती आयोगों व प्रक्रिया से भरे जाते हैं। परिषद ने लेखपालों के 5300 रिक्त पदों पर भर्ती का प्रस्ताव अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजा था। आयोग ने अब तीन चयन वर्ष की रिक्तियों को एक साथ भरने के लिए प्रस्ताव मांगा है। उस पर कार्रवाई चल रही है। इसी तरह लेखपाल से राजस्व निरीक्षक के रिक्त पद भरने के लिए वरिष्ठता सूची फाइनल होनी है। इससे संबंधित प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए 503 पद और सीधी भर्ती के लिए 150 पद खाली हैं।
राजस्व निरीक्षक की वरिष्ठता सूची फाइनल होते ही इन पदों को भी भरने की कार्रवाई बढ़ जाएगी। सीधी भर्ती के पदों पर भर्ती का प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है। इसी तरह तहसीलदार के लिए स्वीकृत पदों में से 333 खाली हैं। तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा होनी चाहिए। वर्तमान में यह अर्हकारी सेवा पूरी करने वाले पर्याप्त नायब तहसीलदार नहीं हैं। सहायक भूलेख अधिकारी संवर्ग में एक भी कार्मिक यह कसौटी पूरा नहीं करता। त्रिवेदी ने बताया कि अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजने की कार्रवाई चल रही है। इससे लगभग 60 कार्मिक उपलब्ध हो सकेंगे। डिप्टी कलेक्टर के 77 पदों पर पदोन्नति हो जाने से कई तहसीलें तहसीलदार विहीन हो जाएंगी। इससे एक्सप्रेसव-वे में भूमि अर्जन संबंधी कार्रवाई के लिए प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के तहसीलदार उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। अन्य रिक्त पदों पर भर्ती से संबंधित प्रयास भी चल रहे हैं।