होली के सुरूर से जब पूरा देश बाहर आ चुका तब कानपुर के लोगों ने जमकर होली की मस्ती की। मौका था गंगामेला। यहां देखें ये तस्वीरें...
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गंगा मेला मनाते कानपुर के लोग
- फोटो : Amar Ujala
कानपुर में होली के पांचवें दिन सरसैया घाट पर गंगामेला लगता है। इस दिन कानपुर के लोग जमकर होली खेलते हैं।
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गंगा मेला मनाते कानपुर के लोग
- फोटो : Amar Ujala
28 मार्च को हटिया के रज्जनबाबू पार्क से निकले ठेले ने पूरे शहर को रंग से सराबोर कर दिया। जानें गंगा मेले का इतिहास...
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गंगा मेला मनाते कानपुर के लोग
- फोटो : Amar Ujala
जानकारों के मुताबिक 1942 कानपुर के हटिया बाजार के रज्जन बाबू पार्क में युवाओं ने रंग-अबीर उड़ाकर होली खेली। इतने में ही युवाओं की इस टोली ने वहां तिरंगा फहरा दिया।
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गंगा मेला मनाते कानपुर के लोग
- फोटो : Amar Ujala
अंग्रेजों को जब इसकी भनक लगी तो वहां पहुंचकर तिरंगा उतरवाने लगे। युवाओं की टोली ने इस बात का विरोध किया।
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गंगा मेला मनाते कानपुर के लोग
- फोटो : Amar Ujala
गुस्साए अंग्रेजी सैनिकों ने युवाओं को पीटा और 40 से ज्यादा लोगों को जेल भेज दिया।
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गंगा मेला मनाते कानपुर के लोग
- फोटो : Amar Ujala
अंग्रेजी सैनिकों के इस कदम से कानपुर के लोगों का गुस्सा भड़क गया। कानपुर के बाजार बंद कर दिए गए। वहां के हर व्यक्ति ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया।
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गंगा मेला मनाते कानपुर के लोग
- फोटो : Amar Ujala
इस आंदोलन में महात्मा गांधी, पंडित नेहरू और गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे लोगों ने भी सहयोग किया।
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- फोटो : Amar Ujala
होली के पांचवें दिन इन लोगों को छोड़ा गया तबसे कानपुर में पांच दिन होली मनाने की परंपरा है। यहां होली के पांचवें दिन जबरदस्त होली खेली जाती है।