लखीमपुर के मैलानी रेंज में करीब एक पखवाड़े में तीन लोगों का शिकार करने वाला बाघ आखिर शिकंजे में आ गया। बाघ को रेस्क्यू कर बुधवार देर रात लखनऊ जू लाया गया। उसे कोरेनटाइन बैरक में रखा गया है। 250 किलो वजनी इस नर आदमखोर बाघ का डेथ वारंट जारी हो चुका था। इससे पहले 2009 में भी लखनऊ जू में आदमखोर बाघ लाया गया था।
विज्ञापन
2 of 7
आदमखोर बाघ
- फोटो : amar ujala
मैलानी रेंज के जंगल के पास आदमखोर बाघ ने तीन इंसानों का शिकार कर दहशत फैला रखी थी। मंगलवार शाम को ही वहां के डीएम आकाशदीप ने प्रमुख सचिव वन से वार्ता कर बाघ को नरभक्षी घोषित कराने की सिफारिश की थी, जिस पर आला वन अधिकारियों ने बुधवार दोपहर ही बाघ को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश भी जारी कर दिए थे।
विज्ञापन
3 of 7
आदमखोर बाघ
- फोटो : amar ujala
सूत्रों के मुताबिक हैदराबाद के नवाब भी प्रदेश के लिये उड़ान भरने की तैयारी में थे। पर लखनऊ जू की रैपिड रेस्क्यू टीम के डॉ. उत्कर्ष शुक्ला और दुधवा में कैंप करने वाली डब्ल्यूटीआई की टीम के डॉ. मयूख चटर्जी की टीम बुधवार दोपहर करीब पौने तीन बजे बाघ को ट्रैंकुलाइज करने में कामयाब रही।
4 of 7
आदमखोर बाघ
- फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है कि डॉ. मयूख ने बाघ पर ट्रैंकुलाइजर के तीन डाट चलाए, लेकिन बेहोश न होता देख आखिरी डाट डॉ. उत्कर्ष ने हाथी की बजाय पैदल दौड़ाते हुए चलाया। उसके बाद ही बाघ काबू में आया।
विज्ञापन
5 of 7
आदमखोर बाघ
- फोटो : amar ujala
डॉ. उत्कर्ष के मुताबिक बताया कि प्राथमिक परीक्षण जारी है। फिलहाल इसकी उम्र 8-10 साल के आसपास आंकी जा रही है। बाघ की दाहिनी आंख मोतियाबिंद के कारण पूरी तरह से खराब हो चुकी है और इसका ऊपरी कैनाइन दांत भी टूटा हुआ है।
विज्ञापन
6 of 7
आदमखोर बाघ
आदमखोर बाघ के रेस्क्यू के लिए चल रहे ऑपरेशन की सीएम लेवल से निगरानी हो रही थी। खुद प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ऑपरेशन हैंडल कर रहे थे, जबकि विभाग के टॉप-2 अधिकारी लगातार टीम के संपर्क में थे और वहीं कैंप कर रहे थे। नवनियुक्त पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ एससी शर्मा भी दुधवा में ही कैंप कर रहे थे।
कब क्या हुआ
प्रात: 10.00 बजे : पिंजरे के पास से पड्डा गायब मिला। बाघ द्वारा खींचकर ले जाने के चिह्न पाए गए।
प्रात: 10.30 बजे : सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
दोपहर 12.00 बजे: टाइगर का डेथ वारंट फैक्स से पहुंचा।
दोपहर 02.30 बजे : जंगल के अंदर घर में दिखा बाघ।
02.51 बजे : ट्रैंक्विलाइज डॉट को गन शॉट दिया, जो बाघ को जा लगी।
03.15 बजे : अचेत बाघ पिंजरो में कैद कर दिया गया।
03.30 बजे: सर्च अभियान के अन्य अधिकारियों को बुलाया गया।
04.15 बजे : लखनऊ जू के लिए रवाना कर दिया गया।
10:00 बजे : रेस्क्यू टीम लखनऊ पहुंची।