फैजाबाद, गोंडा, बाराबंकी, बहराइच व सीतापुर में बाढ़ से दहशत बढ़ गई है। घाघरा खतरे के निशान को पार कर गई है तो उफनाई सरयू भी लाल निशान की आरे बढ़ रही है। गोंडा में एक किशोर व बच्चा बिसुही नदी में डूब गए। किशोरी का शव मिल गया है। बच्चे की तलाश अभी जारी है। हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। (बाराबंकी के मांझा गांव में पानी घुसने पर चारपाई पर खाना खाते ग्रामीण।)
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बाराबंकी जिले में आधा दर्जन और गांवों समेत 40 गांवों में पानी भरा है। घाघरा खतरे के निशान से 5 सेमी ऊपर बह रही है। कई परिवारों ने एल्गिन-चरसड़ी बांध पर शरण लिया है। घाघरा पार बसे रामसनेहीघाट व सिरौलीगौसपुर तहसील के रायपुर मांझा, परसावल, नैपुरा, कमियार गांव पानी में डूबे हैं। (बाराबंकी के एल्गिन-चरसड़ी बांध के पास उफनाई घाघरा।)
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बहराइच में घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान पार गई। कायमपुर-जरमापुर मार्ग पर पानी आने से आवागमन ठप हो गया है। लोगों को अभी तक प्रशासनिक मदद नहीं मिली। सीतापुर के रेउसा में घाघरा का कटान जारी है। (नेपाल से छोड़ गए पानी के बाद बहराइच, गोंडा व बाराबकी जिलों की सीमा पर घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज को छूती हुई।)
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फैजाबाद में सरयू खतरे के निशान से महज 50 सेमी. नीचे रह गई है। रौनाही बंधे के निकट बसे गांवों सल्लाह पुरवा व सरायनासिर की पांच बीघा भूमि कटकर नदी में समा गई। वहीं बिल्वहरि बंधे के पास के गांव सरायराशी व राय हलवारा से पलायन जारी है। (अयोध्या में लगातार बढ़ रहा है सरयू नदी का पानी।)