भारी अव्यवस्थाओं के बीच बृहस्पतिवार से शुरू हुई यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन नकलविहीन परीक्षा कराने का सरकार का दावा खोखला नजर आया। (हाथरस: सिकंदरामऊ में बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए परीक्षा केंद्र की दीवार पर चढ़कर छात्रों को नकल कराते युवक।)
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यूपी बोर्ड: नकल न होने देने का सरकारी दावा फेल, तस्वीरें
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पूर्वांचल और पश्चिम के जिलों के साथ अन्य जगहों पर भी नकल होने की सूचनाएं मिलीं। (सिकंदरामऊ में ही परीक्षा केंद्र के बाहर झुंड में छात्रों को नकल कराते लोग।)
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कई परीक्षा केंद्रों में पर कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे तो बाबुओं और चपरासियों से परीक्षा पूरी करवानी पड़ी। कई केंद्रों पर तो निरीक्षक बिना परिचय पत्र के ही परीक्षा देने पहुंच गए। (परीक्षा केंद्र की दीवारों पर चढ़कर नकल कराते युवक।)
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वहीं, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में मोबाइल एप से विद्यार्थियों की हाजिरी लगाने की व्यवस्था तमाम केंद्रों पर धरी रह गई।
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कहीं नेटवर्क की दिक्कत रही तो कहीं केंद्र व्यवस्थापक और स्टाफ ठीक से प्रशिक्षित न होने के कारण यह काम नहीं कर सके। कमोबेश सभी जिलों में इस तरह की स्थिति सामने आई।
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गुरुवार को पहले दिन प्रथम पाली में हाईस्कूल में हिंदी व प्रारंभिक हिंदी और इंटरमीडिएट में सैन्य विज्ञान के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। दूसरी पाली में इंटरमीडिएट में हिंदी और सामान्य हिंदी के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। प्रदेश में दोनों पालियों में 60 विद्यार्थी नकल करते पकड़े गए।
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इनमें 40 लड़के और 20 लड़कियां हैं। मऊ में दो विद्यार्थियों की जगह दूसरे लड़के परीक्षा देते पकड़े गए। दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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यूपी बोर्ड को सभी जिलों से इस तरह की शिकायतें मिलीं कि नेटवर्क की दिक्कत के कारण परीक्षार्थियों की हाजिरी के लिए तैयार किया एप काम नहीं कर रहा है।
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नतीजतन, यूपी बोर्ड की सचिव शैल यादव ने इस तरह की दिक्कत आने पर ‘मैनुअली’ हाजिरी भरने के निर्देश दिए। माध्यमिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि तमाम केंद्र व्यवस्थापक और स्टाफ जानकारी के अभाव में भी इस एप का इस्तेमाल नहीं कर पाए।
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अलबत्ता विभाग का दावा है कि ज्यादातर परीक्षार्थियों की हाजिरी एप से ही भरी गई। देर शाम अनुपस्थित छात्रों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर बोर्ड की सचिव ने बताया कि अभी इसकी गणना कराई जा रही है। यह संख्या शुक्रवार को ही जारी की जा सकेगी।
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ड्यूटी न करने वाले कक्ष निरीक्षकों पर होगी कार्रवाई प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि तमाम केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक बनाए गए शिक्षकों के न पहुंचने की शिकायत मिली है।
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इन सभी शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दे दिए गए हैं। जितेंद्र कुमार ने मोबाइल एप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था के सफल होने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि 90 फीसदी परीक्षार्थियों की हाजिरी एप से लगी।