वीकेंड होने के चलते रोज की तुलना में महोत्सव परिसर में भारी भीड़ थी। शिल्प मेला स्थल पर शाम को अचानक कुछ स्टॉलों पर आग लग गई। ऊंची-ऊंची लपटें उठतीं देख परिसर में भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते कई स्टॉल खाली हो गए। सूचना अग्निशमन कर्मियों को दी गई। दमकल वाहन परिसर में ही मौजूद थे, लेकिन सामान फैले होने और लोगों की भारी भीड़ के चलते घटना स्थल तक पहुंचने में समय लग गया। आग लगने की सूचना पर बिजली बंद कर दी गई, जिससे पूरा परिसर अंधेरे में डूब गया। इसके चलते काफी देर तक महोत्सव स्थल में अफरातफरी मची रही।
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वहीं आग लगने को लेकर दुकानदारों व प्रशासन के अधिकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। आग शनिवार की शाम करीब पांच बजे महोत्सव के शिल्प मेला के स्टॉल संख्या 28, 29 और 30 में लगी। ये दुकानें कश्मीरी ऊनी कपड़े, साड़ियों और चमड़े की वस्तुओं की थीं। दुकानदारों के अनुसार, स्टॉलों के पीछे बिजली के खुले तार हैं। यहीं सहारनपुर के लकड़ी की वस्तुएं बनाने वाले दुकानदारों के सामान और काफी पुआल पड़ा है।
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आग की इस घटना ने इतने बड़े महोत्सव में सुरक्षा इंतजामों की पोल भी खोल दी। परिसर की गाड़ियां वहां पहुंचने में समय इस कारण भी लग गया कि रास्ते में छोटे-छोटे दुकानदारों ने अपने सामान फैला रखे थे। गाड़ियों को वहां पहुंचकर आग बुझाने में करीब आधा घंटा लग गया। पानी डाले जाते समय टीन के शेड में करंट भी उतर आया। इस दौरान वहां भगदड़ मच गई। वीकेंड के कारण मेले में भीड़ भी काफी थी।
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इस दौरान दुकानदार तब नाराज हो उठे जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि आग दुकानदारों द्वारा पी जाने वाली बीड़ी से लगी है। दुकानदारों का आरोप था कि लगातार बिजली के खुले तारों की शिकायत की गई है लेकिन इन्हें ठीक नहीं किया गया। अब आग लगने पर अपनी कमी छुपाने के लिए दुकानदारों पर आरोप लगाया जा रहा है। दुकानदारों का कहना था कि आग शार्ट सर्किट से ही लगी है।
दुकानदारों का दावा, लाखों के नुकसान हुआ
दुकानदारों ने आग से लाखों के नुकसान का दावा किया है। कश्मीर के ऊनी वस्त्रों की दुकान लगाने वाले स्टॉल नम्बर 30 के तारिक अहमद ने कहा कि मेरी दुकान में महंगे पशमीना के शॉल और अन्य ऊनी वस्त्र जल गए। मेरा करीब 15 लाख का सामान जल गया है। चमड़े के सामान के स्टॉल संख्या 28 के मालिक लखीमपुर के लोकेंद्र शुक्ला ने दो लाख से अधिक के नुकसान का दावा किया है जबकि स्टाल 29 में कोलकाता की साड़ियां बिक्त्रस्ी के लिए लाए नौशाद अहमद ने पांच लाख के नुकसान की बात कही है।