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LDA में लगी रहस्यमयी आग, घोटालों से जुड़ी 2000 करोड़ की फाइलें जलकर खाक

Sat, 14 Oct 2017 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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एलडीए के गोमती नगर आफिस के रिकार्ड रूम में शुक्रवार को आधी रात के बाद करीब तीन बजे आग लग गई। आग के कारण दो हजार करोड़ से अधिक के घोटाले से जुड़ी फाइलें जलकर खाक हो गई हैं। यह आग ऐसे समय लगी है जब हुसैनाबाद हेरीटेज जोन सौंदर्यीकरण, जेपीएनआईसी, जनेश्वर मिश्र पार्क और प्लाट समायोजन घोटाले सहित कई प्रमुख योजनाओं में भ्रष्टाचार किए जाने को लेकर जांच चल रही है और सीएजी ने भी रिपेार्ट तलब की है।

आग में जो सैकड़ों फाइलें जलकर खाक हो गई हैं उनमें आवासीय योजनाओं के अलावा जांच के दायरे में आई प्रमुख योजनाओं से जुड़ी फाइलें भी थीं। हालांकि एलडीए प्रशासन का दावा है कि प्रमुख योजनाओं की फाइलें सुरक्षित हैं और उनकी डुप्लीकेट फाइलें उसके पास हैं।

शुक्रवार को आधी रात के बाद एलडीए के गोमती नगर ऑफिस की चौथी मंजिल पर बने स्टोर रूम में आग लग गई। आग के कारण जो सैकड़ों फाइलें जली हैं उनमें हुसैनाबाद हेरीटेज जोन सौंदर्यीकरण, जनेश्वर मिश्र पार्क और जेपीएनआईसी से जुड़ी फाइलों सहित सैकड़ों महत्वपूर्ण फाइलें जलकर खाक हो गई हैं। कम्प्यूटर और फर्नीचर भी जल गया है। आग में जो फाइलें जली हैं वह बेहद महत्वपूर्ण फाइलें थीं। जिनमें  एलडीए के घोटालों का राज छुपा था।
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आग लगने के कारण और नुकसान का पता लगाने के लिए एलडीए वीसी ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए है। इसके लिए कमेटी भी बना दी गई है कि जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। मामले में अभी किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई गई है। एलडीए प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि मामला संदिग्ध पाया गया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

यह कमेटी करेगी जांच, तीन दिन में देगी रिपोर्ट
आग लगने की वजह, आग से कितनी फाइलें जलीं और वह कौन-कौन सी थीं और आगे से ऐसी घटना न हो उसको लेकर एलडीए वीसी ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई हैं। जिसमें वीके सिंह अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक और राजेश शुक्ला तहसीलदार शामिल है। एलडीए वीसी ने कहा कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। उसके आधार पर ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रात को निजी कंपनी के कर्मचारी कर रहे थे काम
एलडीए ने फाइलों का डिजिटलाइजेशन के कराने के लिए निजी कंपनी रायटर को ठेका दिया है। इसके बाद सम्पत्ति, इंजीनियरिंग व अन्य सभी तरह की फाइलें एलडीए ने उसी कम्पनी को सौंप दी हैं। कंपनी फाइलें एलडीए आफिस से बाहर ले जाकर अपने स्टोर में रखी हैं। कई महीने बाद भी काम पूरा न होने पर हाल ही में एलडीए ने कंपनी को दो शिफ्ट में काम करने को कहा। उसके लिए उसे एलडीए में ही काम करने के लिए कमरा दिया गया और फाइलों को रखने के लिए स्टोर। शुक्रवार को आधी रात के बाद जिस समय आग लगी उस समय प्राइवेट कंपनी रायटर के ही कर्मचारी एलडीए ऑफिस के अंदर थे।

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आग - फोटो : amar ujala
मामले पर एलडीए वीसी पीएन सिंह का कहना है कि आग कैसे लगी है और उसमे कौन-कौन सी फाइलें जलीं इसके जांच कराई जा रही है। इसके लिए टीम बना दी गई है। कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। उसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उभी आग लगने की वजह सामने नहीं आई है। शार्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है। जांच यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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आग से जली पड़ी फाइलें व फर्नीचर।
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