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रिहायशी इलाके में चल रहे अवैध गोदाम व कारखाने में आग, कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

Sat, 28 Sep 2019 03:52 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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तीन मंजिला के अवैध गोदाम व कारखाने में शाॅर्ट सर्किट से लगी आ - फोटो : amar ujala
लखनऊ में मड़ियांव के रिहायशी इलाके महर्षिनगर में बने तीन मंजिला फर्नीचर के अवैध गोदाम व कारखाने में शुक्रवार शाम शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। हादसे के वक्त पहली मंजिल पर 14 कारीगर काम कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी कारीगरों को सुरक्षित बाहर निकला। जबकि अग्निशमन दस्ते ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। अग्निकांड में पहली मंजिल पर रखा सामान पूरी तरह राख हो गया। जबकि दूसरी मंजिल पर रखा 70 फीसदी सामान जलकर बर्बाद हो गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह के मुताबिक, फायर फाइटिंग के इंतजाम नहीं थे।
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अवैध गोदाम व कारखाने में लगी आग - फोटो : amar ujala
प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के मुताबिक , कैसरबाग के फर्नीचर कारोबारी नीरज गुप्ता का मड़ियांव के महर्षि नगर में गोदाम व कारखाना है। गोदाम व कारखाना तीन हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में तीन मंजिला बना है। ग्राउंड फ्लोर के एक भाग में उनका परिवार रहता है। परिवार में पत्नी ट्विंकल, मां मंजू देवी, बहन सपना और बेटा आरव हैं।
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अवैध गोदाम व कारखाने में लगी आग - फोटो : amar ujala
हादसे के वक्त नीरज कैसरबाग स्थित दुकान पर थे। शाम करीब चार बजे पहली मंजिल से लपटें व धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने शोर मचाया। ट्विंकल के मुताबिक, वह सीढ़ी पर पहुंची ही थीं कि लपटें निकलने लगीं। किसी तरह वह परिवारीजनों को लेकर बाहर निकलीं और पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी।

 

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अवैध गोदाम व कारखाने में लगी आग - फोटो : amar ujala
पहली मंजिल से शुरू हुई आग भड़की
प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के मुताबिक ,लपटों पर काबू पाने के लिए चार दमकल गाड़ियों को 13 चक्कर पानी भरकर लाना पड़ा। शुरूआती जांच में सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। कारोबारी ने बताया कि करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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अवैध गोदाम व कारखाने में लगी आग - फोटो : amar ujala
काम कर रहे थे 14 कारीगर
एफएसओ गोमतीनगर के मुताबिक, सूचना पर बीकेटी की गाड़ी पहले पहुंची। इस बीच गोमतीनगर की भी दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। पहली मंजिल पर 14 कारीगर काम कर रहे थे। इन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया। सभी कारीगर दिन में काम करते थे और रात को यहीं रुक जाते थे।

 
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भवन में रखे भरे सिलेंडरों को बाहर निकालता पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
अग्निशमनकर्मियों की सजगता से टला बड़ा हादसा
हेड फायरमैन शेर अली खान के मुताबिक, गैस सिलेंडर के बारे में नीरज ने कोई जानकारी नहीं दी थी। जब एक सिलेंडर निकाला गया तो उसने बताया कि दो सिलेंडर और हैं। प्रभारी निरीक्षक ने कारोबारी को फटकार भी लगाई। पुलिस के मुताबिक, कारखाने में फोम, रैक्सीन, लेदर, वेलवेट के कपड़े, प्लाई के टुकड़े, सुलेशन व वैमीकोल के अलावा कई तरह के केमिकल भी थे। अगर समय रहते आग पर काबू न पाया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। रिहायशी इलाके में मकान के अंदर कारखाना व गोदाम बनाना अवैध है। कारोबारी ने लाइसेंस भी नहीं लिया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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