अलीगंज में नये हनुमान मंदिर के पास रविवार को पुत्तू लाल, पारसनाथ मिश्र, सरवन कुमार राठौड़, शारदा मिश्र के पूजन भंडार और उस्मान खान के फूल भंडार समेत पांच दुकानों में आग लग गई। देखते ही देखते सभी दुकानें धू-धूकर जलने लगीं। 60 फिट ऊंची आग की भीषण लपटों के चलते वहां तीन घंटे तक हड़कंप मचा रहा।
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दुकान मालिकों ने बार-बार पुलिस कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को फोन किया लेकिन दमकल की गाड़ी डेढ़ घंटे की देरी से वहां पहुंची। इस दौरान लोग खुद ही आग बुझाने का प्रयास करते रहे। उनकी दुकानों में रखा लाखों रुपये का माल जलकर खाक हो गया।
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पुलिस और अग्निशमन विभाग की लापरवाही से आक्रोशित दुकानदारों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम करके प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझा बुझाकर और मुआवजा दिलवाने का आश्वासन देकर जाम प्रदर्शन खतम कराया।
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सफाई कर्मचारी की लापरवाही पड़ी भारी
पीड़ित पुत्तू लाल राठौड़ ने बताया की सुबह लगभग छह बजे कॉलोनी में सड़क पर झाड़ू लगाने वाले सफाईकर्मी प्रेम कुमार ने दुकानों के पास ही कूड़ा इकट्ठा करके आग लगा दी। कूड़े की चिंगारी उनकी दुकानों पर पड़ी। इसके बाद ही उनकी दुकानों में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने उनके पूजन भंडार के आलावा पारसनाथ मिश्र, सरवन कुमार राठौड़, शारदा मिश्र के पूजन भंडार और उस्मान खान के फूलों की दुकान जलने लगीं। (आग बुझाने की कोशिश करते लोग।)
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आग लगने की सूचना देने के बाद भी जब फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची तो उन्होंने खुद ही आग बुझाने की कोशिशें शुरू कीं। पीड़ितों ने आरोपी कर्मचारी प्रेम कुमार की गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही सभी दुकानदारों को मुआवजे की मांग करते रहे। एसओ अलीगंज केपी यादव ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार किया जाएगा।
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माल बचाने के लिये आग में कूद गये दुकानदार
दुकानों को जलता देखकर दुकानदारों ने अपनी जान की परवाह तक नहीं की। अपना माल बचाने के लिये वह आग में कूद पड़े। आग बुझाते हुए पुत्तू लाल का चेहरा और सीना झुलस गया। इसी तरह सरवन कुमार राठौड और बब्बू का हांथ जल गया। इसके अलावा भी कई अन्य लोग मामूली रूप में आग की चपेट में आकर झुलस गये।
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मेले के लिये कर्ज लेकर लाये थे सामान
पीड़ित पुत्तू लाल, सरवर व पारसनाथ मिश्रा ने बताया की बड़े मंगल पर लगने वाले मेले में बेचने के लिये उन्होंने कर्ज में काफी सामान मंगवाया था। उनकी दुकान में लगभग तीन तीन लाख रुपये की पूजन सामग्री थी। इसी तरह अन्य दुकानों में भी लगभग दो से ढाई लाख रुपये का माल था। आग से सबकुछ जलकर खाक हो गये।
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समय से पहुंच जाती दमकल गाड़ी तो कम होता नुकसान
पीड़ित दुकानदारों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी अगर सही समय पर पहुंच जाती तो उनकी दुकान में रखा कुछ सामान जलने से बच जाता। आग बुझाने के लिये वह लोग दौड़-दौड़कर आस-पास के घरों का गेट खटखटाकर एक-एक बाल्टी पानी मांगते रहे। दुकानें जलती रहीं लेकिन वह लोग बेबस होकर देखते रहे। बाद में जब दमकल गाड़ी पहुंची तो मिनट में आग काबू हो गई। समय से दमकल गाड़ी पहुंचती तो आग बुझा ली जाती।
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अब खतरा पेड़ के गिरने का
रोड़ किनारे खाली प्लाट पर बनी अस्थाई दुकानों के बीच पुराने पेड़ में भी आग लगी थी। आग लगने से पेड़ काफी पुराना है। आग लगने से पेड़ काफी कमजोर हो गया है। इसका झुकाव सीधे सड़क की तरफ है। सड़क किनारे कई मकान हैं। आंधी पानी से पेड़ गिरा तो वहां बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। दुकानदारों ने पुलिस ने इस पेड़ को कटवाने की मांग भी की है। पुलिस ने वन विभाग से एनओसी लेकर इसे जल्द कटवाने का आश्वासन दिया है।
लोगों ने घर से भागकर बचाई जान
दुकानों के बगल में सरवन कुमार का मकान में भी आग की लपटें पहुंच गईं। इसके अलावा राम लखन के मकान में भी आग लग गई। इस दौरान वह लोग घर में सो रहे थे। अचानक शोर सुनकर उनकी नींद खुली। इसके बाद उन्होंने अपने-अपने घरों से भागकर जान बचाई। फिल मोहल्ले के लोगों की मदद से घरों में लगी आग बुझाई गई।