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कब्र खुद चुकी थी...जनाजा उठने से पहले ही जिंदा हो गई महिला

Sun, 24 Apr 2016 07:42 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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(बहराइच)। उसका जनाजा उठने ही वाला था। कब्र तक खोदी जा चुकी थी लेकिन अचानक गुसल कराते (नहलाते) समय उसने आंखें खोल दीं। करीब चार घंटे तक बेजान हुई रेशमा की सांसें तेज-तेज चलते देख लोगों में हड़कंप मच गया। (अस्पताल में होता महिला का इलाज।)
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हालांकि, माजरा समझते ही घर वालों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत बेहद गंभीर बनी है। बौंडी थाना क्षेत्र के अलीपुर गरौना गांव निवासी सिराज की पत्नी रेशमा (22) पिछले तीन माह से हेपेटाइटिस बी से पीड़ित थी।
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पांच दिन पहले रेशमा लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान कोमा में चली गई। इस पर डॉक्टरों ने शुक्रवार देर शाम उसे डिस्चार्ज कर दिया। सिराज, रेशमा को लेकर गांव लौट आया। शनिवार सुबह करीब आठ बजे रेशमा की मौत हो गई। ( इलाज के दौरान मौजूद महिला के परिजन।)

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रेशमा की मौत की खबर रिश्तेदारों व ग्रामीणों को हुई तो लोग सिराज के घर जमा होने लगे। गांव के कब्रिस्तान में कब्र खोद दी गई। जब जनाज-ए-नमाज से पूर्व रेशमा को नहलाया जा रहा था, तभी उसके शरीर में महिलाओं को हरकत नजर आई।
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अचानक उसने आंखें खोल दीं और तेज-तेज सांसें भरने लगी। ये देख महिलाएं सकते में आ गईं और पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सिराज ने तत्काल पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल, रेशमा कोमा में है।
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हिपैटिक इंसीफेलोपैथी से पीड़ित है रेशमा
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. एनए अंसारी ने बताया कि रेशमा हिपैटिक इंसीफेलोपैथी से पीड़ित है। मतलब उसे हेपेटाइटिस बी है। आम भाषा में कहें तो रेशमा के दिमाग पर पीलिया चढ़ गया है, जिसके कारण वह कोमा में है। शरीर में कोई हरकत न होने के कारण ही घर वालों ने उसे मृत समझा। डॉ. अंसारी ने कहा कि रेशमा को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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