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तस्वीरें: एसिड सर्वाइवर से बोलीं दीया, लक्ष्मी तुम कितनी खूबसूरत हो...

Fri, 29 Jul 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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अभिनेत्री दीया मिर्जा और लक्ष्मी - फोटो : amar ujala
आप सुंदर और गोरे हैं, तभी औरों से बेहतर है, यह सोच ही गलत है। तुम भी बहुत खूबसूरत हो लक्ष्मी। एसिड सर्वाइवर्स लक्ष्मी की कुछ इस अंदाज में अभिनेत्री दीया मिर्जा ने तारीफ की। मौका था डॉ कलाम मेमोरियल यूथ कॉन्क्लेव के आयोजन का।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा और लक्ष्मी - फोटो : amar ujala
एक सवाल के जवाब में अभिनेत्री ने बताया कि वह सुंदर बनाने वाले विज्ञापनों को भ्रामक और दुर्भाग्यपूर्ण मानती हैं। उनका ऐसे विज्ञापनों पर ऐतबार नहीं। यही वजह है कि उन्होंने ऐसे विज्ञापनों को करने से हमेशा इन्कार किया है। 
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अभिनेत्री दीया मिर्जा और लक्ष्मी - फोटो : amar ujala
फिल्म अभिनेत्री और सोशल वर्कर दीया मिर्जा के साथ यूथ कॉन्क्लेव में एसिड सर्वाइवर्स के लिए काम कर रहीं लक्ष्मी ने बातचीत की, जो  फिल्मों के बजाय समाज, मौजूदा हालात और धर्म को लेकर केंद्रित रही। पेश है बातचीत के प्रमुश अंश।

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अभिनेत्री दीया मिर्जा और लक्ष्मी - फोटो : amar ujala
लक्ष्मी- दीया मिर्जा ने डॉ. कलाम से क्या जाना है?
दीया : डॉ. कलाम ने मुझे प्रकृति से जुड़ने में मदद की है। उनके जरिये मुझे समझ में आया है कि हम प्रकृति को कुछ भी नुकसान पहुंचा रहे हैं तो वह असल में हमारा अपना नुकसान है। साफ पानी को गंदा करने से लेकर दूसरे जीवों को परेशान और खत्म कर देना हमारा ही नुकसान है।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा और लक्ष्मी - फोटो : amar ujala
लक्ष्मी- आपकी पहचान क्या है?
दीया : मेरी ही नहीं हर व्यक्ति की पहचान सिर्फ वह नहीं होनी चाहिए जो काम वह करता है। हम रोजी-रोटी के लिए काम करते हैं, लेकिन हमारी पहचान वहीं तक सीमित नहीं रहने चाहिए। शायद यही वजह है कि मैं फिल्मों के अलावा दूसरे कामों में भी खुद को जोड़ रही हूं।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा और लक्ष्मी - फोटो : amar ujala
लक्ष्मी- आप गोरा करने वाली क्रीम के एड नहीं करती? दीया : जब सोलह साल की थी तो एक ब्रांड के लिए ऐसा एड किया था। लेकिन वक्त के साथ समझ बढ़ी तो जाना कि गोरा बनाने वाली क्रीम के विज्ञापन तो बंद कर दिए जाने चाहिए। मुझे नहीं पता कोई ये एड क्यों करता है, लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह के विज्ञापन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, वे बताने की कोशिश करते हैं कि अगर आप गोरे हैं तो आप बाकी लोगों से बेहतर है। ये भी कोई लॉजिक है। विज्ञापनों के दौरान मैं कुछ सचेत हो गई हूं, जानवरों पर टेस्ट होने वाले किसी भी प्रोडक्ट का एड करने से भी इनकार कर देती हूं।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा - फोटो : amar ujala
लक्ष्मी - आपके धर्म को लेकर भी सवाल होते हैं कभी?
दीया: मेरी मां आंध्र प्रदेश की हैं और पिता जर्मन थे। बाद में माता-पिता अलग हो गए और मां ने बाद में फिर से शादी की। मेरे सौतेले पिता मुस्लिम थे। उन्हीं के साथ मैं पली बढ़ी। मुझे याद है जब मैं आठ साल की थी तो मैंने अपने मां से पूछा था कि ‘मां, क्या मैं हिंदू हूं या ईसाई या फिर मुस्लिम?’ तो मां ने कहा था कि ये मजहब मेरी पहचान कभी नहीं हो सकते। मेरे विचार और काम मेरी पहचान बनें, मुझे इसके लिए प्रयास करना चाहिए। आज मुझे महसूस होता है कि मजहब दरअसल मनुष्य को नियंत्रित करने का साधन बन चुके हैं और इसीलिए हम दुनिया भर में मजहब के नाम पर इतनी हिंसा देख रहे हैं। किसी मजहब के नाम पर किसी को नुकसान पहुंचाया जाने तो उसे मजहब कैसे कहा जा सकता है जबकि सभी मजहब मूल भावना में एक ही जैसे हैं।
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