‘हंसते-हंसते कट जाए रस्ते, जिंदगी यूं ही चलती रहे...’ फिल्म का ये गीत जब दीया मिर्जा ने सुनाया तो एसिड हमले की शिकार लड़कियों के चेहरे खुशी से खिलखिला उठे।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा
- फोटो : amar ujala
मौका था शीरोज हैंगआउट में एसिड अटैक पीडिताओं से एक मुलाकात का, जिसमें अभिनेत्री दीया मिर्जा ने उनकी हौसला अफजाई के लिए एक नहीं कई गीत गुनगुनाए और उनसे बातचीत के दौरान उनके सवालों के जवाब दिए और फोटो खिंचवाई।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा
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डॉक्टर कलाम मेमोरियल युवा सम्मेलन में शामिल होने लखनऊ आई अभिनेत्री दीया मिर्जा जब सम्मेलन में एसिड हमले की शिकार लक्ष्मी से मिलीं और उनके द्वारा एसिड हमलों की शिकार महिलाओं से जुडे़ शीरोज हैंगआउट के बारे में सुना तो गुरुवार को वो उनसे मिलने वहां पहुंच गई।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा
- फोटो : amar ujala
दीया के स्वागत में वहां काम करने वाली लड़कियों ने रंगोली सजाई, जिसे देख कर दीया काफी खुश हुईं। फिल्म अभिनेत्री ने मुश्किल हालत में भी मुस्कुराने वाली इन लड़कियों की सराहना की। दीया ने कहा कि यह पूरी टीम बहुत ही अच्छा और हिम्मत वाला काम कर रही हैं।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि टीम की सदस्य इस रेस्टोरेंट के अलावा सिलाई-कढ़ाई, मिट्टी के बर्तनों के निर्माण तथा अन्य कलात्मक कार्यों में भी आगे आ सकती हैं। ऐसे कार्यों से व्यक्तित्व के विकास के साथ-साथ आत्मिक संतुष्टि मिलती है और आय के साधन भी बढ़ते हैं।
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अभिनेत्री दीया मिर्जा
- फोटो : amar ujala
उन्होंने रानी, रेशमा, फराह, शांति और अंशु का हाथ थाम कर कहा कि हारना नहीं है और थकना नहीं, बस आगे बढ़ते जाना है। दीया ने शीरोज के पुस्तकालय में अपनी पसंदीदा किताबें भेजने की भी इच्छा जताई। एसिड हमले की शिकार रानी ने दीया से पूछा कि उन्हें क्या पसंद है तो दीया ने कहा कि मुझे आप लोगों जैसी मजबूत महिलाओं से मिलना पसंद है और पेंटिंग करना अच्छा लगता है। दीया ने बताया की मुझे खाना बनाना बहुत अच्छा लगता है और मैं कई बार खुद खाना पकाती हूं।
साथ ही मुझे घूमना पसंद है और कलात्मक काम करने में भी रुचि है। लक्ष्मी से बात करते हुए दीया मिर्जा ने कहा कि ऐसे अभियानों की देश में बहुत जरूरत है और भविष्य में मैं भी ऐसे ही अभियान से जुड़ना चाहूंगी।