प्रदेश के कई जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूलों में गोंडा की अनामिका शुक्ला के अभिलेख पर विज्ञान शिक्षिका की नौकरी हथियाने की कोशिश के मामले की अब पुष्टि हो गई है। यह महिला काउंसलिंग में मूल अभिलेख लेकर नहीं आई थी। जिस पर अधिकारियों ने उसे मना कर दिया था।
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anamika shukla
- फोटो : अमर उजाला
गोंडा के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में भर्ती के लिए वर्ष 2019 में काउंसलिंग हुई थी। इसमें गोंडा की अनामिका शुक्ला के अभिलेखों के आधार पर आवेदन किया गया था। निवास प्रमाण पत्र मैनपुरी का लगा था जो अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाष चंद्र शुक्ल के नाम से बना था। जबकि अनामिका का कहना है कि उसने गोंडा में कभी आवेदन ही नहीं किया।
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- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2017 में भी उसने सिर्फ सुल्तानपुर, बस्ती, जौनपुर, लखनऊ और मिर्जापुर में आवेदन किया था। जिसमें उसने अपने पति दुर्गेश शुक्ला के नाम का निवास प्रमाण पत्र लगाया था। सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों ने तस्दीक की है कि जो अनामिका काउंसलिंग में शामिल हुई थी वह इससे काफी अलग थी। याद इसलिए है क्योंकि विज्ञान शिक्षिका की मेरिट में वह नंबर एक पर थी। मूल अभिलेख को लेकर काफी बहस हुई थी इसलिए शक्ल अभी भी याद है।
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गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल नंबर भी है दर्ज
गोंडा में कथित अनामिका शुक्ला की ओर से जो आवेदन किया गया था, उसमें एक मोबाइल नंबर भी दर्ज है। जो सर्व शिक्षा अभियान में रिकॉर्ड में है। मोबाइल नंबर किसी दीप्ति सिंह का है। उस समय अगर अधिकारी जाते तो यहां भी फर्जी अनामिका की नियुक्ति हो जाती।
असली अनामिका शुक्ला के अभिलेखों की विजलेंस टीम ने की तस्दीक
अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद बुधवार को विजलेंस की टीम गोंडा पहुंची और अनामिका के अभिलेखों के साथ ही उनके बारे में जानकारी हासिल की। बीएसए कार्यालय में मौजूद बालिका शिक्षा समन्वयक रजनी श्रीवास्तव से उन्होंने पूरी जानकारी दी। टीम ने बीएसए से भी बात की।