हादसे के चलते बेजान होने वाले हाथ-पांवों में अब रोबोटिक जेट ट्रेनर जान फूंकेगा। वह चलना सिखाएगा और मालिश भी करेगा। प्रदेश में इसकी शुरुआत एसजीपीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर से होगी। रोबोटिक सर्जरी से उत्साहित पीजीआई प्रशासन इसकी तैयारी में जुट गया है। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में कई अत्याधुनिक व्यवस्थाएं हैं। यहां आने वाले ट्रॉमा के मरीजों को सर्जरी के तत्काल बाद फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन विभाग की सुविधाएं दी जाती हैं। एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी शुरू होने के बाद केजीएमयू प्रशासन अन्य विभागों में भी इसे स्थापित करने की तैयारी में है। इसके तहत अब यहां रोबोटिक रिहैबिलिटेशन सेंटर बनेगा। प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए यहां रोबोटिक जेट ट्रेनर खरीदा जाएगा। इस पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह मरीजों के हाथ-पैर चलाने, सुन्न नसों को फिर से सक्रिय करने के साथ सख्त मांसपेशियों को मुलायम बनाएगा। इसे अगले साल तक चालू करने की तैयारी है। अभी तक यह मुंबई और एम्स ऋषिकेश में स्थापित है।