बहराइच के नथुआपुर गांव में हनुमान मंदिर के निकट बने गौशाला में प्रतिदिन दो मवेशी चारा-पनी व इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। मृत पशुओं को गौशाला के कर्मचारी हनुमान मंदिर के पीछे बहने वाले नाले में फेंक रहे हैं। इससे उठ रही दुर्गंध से गांव वालों का जीना मुहाल है लेकिन तहसील व पशु विभाग इसपर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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नथुआपुर गौशाला
- फोटो : amar ujala
प्रदेश के मुख्यमंत्री पशुओं की सुरक्षा व खानपान को लेकर संवेदनशील हैं लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। पशुओं की मौत के मामले में चार दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री ने आठ अधिकारियों पर कार्रवाई की लेकिन इसके बाद भी व्यवस्थाएं सुधर नहीं रही हैं।
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नथुआपुर गौशाला
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महसी तहसील के अंतर्गत नथुआपुर गांव में हनुमान मंदिर के निकट पशु गौशाला बनाया गया है। इसमें क्षेत्र के लगभग 200 से अधिक पशु बंधे हुए हैं लेकिन इनके चारे और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे पशु खाना-पानी व इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं।
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नथुआपुर गौशाला
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गौशाला कर्मचारियों व ग्रामीणों के मुताबिक बीते एक माह में लगभग 50 पशुओं की मौत हो चुकी है। लेकिन अपर मुख्य पंचायत अधिकारी, तहसील व पशु विभाग अंजान बना हुआ है। इतना ही नहीं इलाज के अभाव में प्रतिदिन दो पशु दम तोड़ रहे हैं। लेकिन पशुओं का कोई पुरसाहाल नहीं है।
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नथुआपुर गौशाला
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इस मामले में गौशाला के कर्मचारी जुगनू ने बताया कि गौशाला की व्यवस्था काफी खराब है। इससे पशुओं की मौत हो रही है। गांव निवासी बालकराम ने बताया कि पशुओं के चारा-पानी व इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। स्थिति काफी बदतर है। ऐसे में पशु प्रतिदिन दम तोड़ रहे हैं।
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नथुआपुर गौशाला
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ग्रामीणों की जिंदगी बनी नरकीय
महसी तहसील के नथुआपुर में बने गौशाला में मर रहे पशुओं को गौशाला के कर्मचारी हनुमान मंदिर के पीछे बहने वाले नाले में फेंक दे रहे हैं। इससे उठ रही दुर्गंध से ग्रामीणों का जीना मुहाल है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत भी की लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
दो दिन पूर्व गया था गौशाला, सिर्फ दो पशु थे बीमार
महसी के नथुआपुर गांव में 50 पशुओं की मौत हास्यास्पद है। अभी दो दिन पूर्व ही मौके का निरीक्षण करने गया था तो दो पशु बीमार मिले थे। रखरखाव के निर्देश बीडीओ को दिए थे। सभी व्यवस्था उपलब्ध पुन: मौके का जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इतने पशुओं के मौत की बात गलत है। बलवंत सिंह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी