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'बचाओ-बचाओ, मेरी दोस्त को नोंच रहे हैं ये भेड़िए'

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लखनऊ विश्वविद्यालय में हबीबुल्लाह व महमूदाबाद हॉस्टल के मोड़ पर रात्रि करीब सवा दस बजे एक छात्रा बदहवास सी जोर-जोर से चिल्ला रही थी।
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'बचाओ-बचाओ, मेरी दोस्त को नोंच रहे हैं ये भेड़िए'

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प्लीज कोई मेरी दोस्त को बचाओ। ये लड़के इसे भेड़िए की तरह नोंचे डाल रहे हैं। करीब पांच-सात लड़के एक लड़की पर टूटे हुए थे।
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'बचाओ-बचाओ, मेरी दोस्त को नोंच रहे हैं ये भेड़िए'

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यह देखकर अकेले किसी की हिम्मत उनकी ओर नहीं पड़ी। सभी अपने घर से चिल्ला रहे थे कि देखो किस तरह ये दरिंदे एक अकेली लड़की को नोंच रहे हैं।

'बचाओ-बचाओ, मेरी दोस्त को नोंच रहे हैं ये भेड़िए'

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लखनऊ विश्वविद्यालय में हुई छेड़खानी की घटना के बाद छात्र भी वहां पहुंच गये।
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घटना के बाद हर कोई सदमे में था।
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पुलिस ने मामले में कई गिरफ्तारियां की।
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मामले ने प्रशासन को भी मुश्किल में डाल दिया।

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यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एडिशनल प्रॉक्टर (महिला) डॉ. विभावरी सिंह को भी बुलाया।
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प्रशासन ने मामले पर कड़ा रवैया अख्तियार किया है।
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