फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूखों का पेट भरने के लिए किचन संभाल रहे इंजीनियर, 16 से 18 घंटे देकर कर रहे मानवता की सेवा, तस्वीरें

Mon, 20 Apr 2020 03:04 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 7
जियामऊ स्थित कम्युनिटी किचन में पैक हो रहा खाना। - फोटो : amar ujala
कोरोना से लॉकडाउन के दौरान कोई भी भूखा न सोए इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को नगर निगम के इंजीनियर बखूबी निभा रहे हैं। निर्माण कार्य की जगह अब ये कम्युनिटी किचन चलाने में लगे हैं। 16 से 18 घंटे तक मेहनत कर रहे हैं, ताकि जरूरतमंदों तक ताजा व स्वादिष्ट खाना पहुंच सके। शहर में आठ जगहों पर अधिकारियों, कर्मचारियों व जन सहयोग से चल रहे कम्युनिटी किचन में ये इंजीनियर घर के मुखिया की तरह काम कर रहे हैं। यही वजह है कि सीएम, डिप्टी सीएम से लेकर कई मंत्री तक इनकी सराहना कर चुके हैं।

विज्ञापन

2 of 7
एसएफए जैदी। - फोटो : amar ujala
दुआएं मिटा देती हैं थकान 
कम्युनिटी किचन चौक के प्रभारी एसएफए जैदी का कहना है कि कोरोना से सीख मिली है कि कैसे हम आपात स्थिति में हिम्मत से काम कर सफल हो सकते हैं। कम्युनिटी किचन के जरिये जरूरतमंदों को खाना पहुंचा कर जो सुकून मिलता है उसे बयां नहीं किया जा सकता। खाना पाने वालों की दुआएं हर थकान मिटा देती हैं। 

 
विज्ञापन

3 of 7
मनीष अवस्थी। - फोटो : amar ujala
यही कोशिश कि कोई भूखा न रह जाए
कम्युनिटी किचन महानगर के प्रभारी मनीष अवस्थी का कहना है कि कम्युनिटी किचन में चावल से लेकर नमक तक हर जरूरत के सामान का हिसाब रखना पड़ता है। किस एरिया में खाना पहुंचा, जहां से मांग आई थी वहां खाना गया कि नहीं, एक परिवार के मुखिया की तरह इसे देखना पड़ता है। यही कोशिश रहती है कि संकट की इस घड़ी में कोई जरूरतमंद भूखा न रह जाए। 

 

4 of 7
किशोरी लाल। - फोटो : amar ujala
फर्ज निभाने का है मौका 
कम्युनिटी किचन जियामऊ के प्रभारी किशोरी लाल का कहना है कि गरीबी को बहुत करीब से देखा है। ऐसे में यही कोशिश रहती है कि जब जरूरतमंदों तक खाना पहुंचे तो उन्हें लगे कि वह अपने घर का ही खाना खा रहे हैं। ऊपर वाले ने ही इस लायक बनाया है कि किसी की सेवा कर सकूं, तो बस यही कमना कामना करता हूं कि सेवा में कोई कसर न रह जाए। 

 
विज्ञापन

5 of 7
विकास सिंह। - फोटो : amar ujala
सुकून देती है उनके चेहरे की खुशी 
कम्युनिटी किचन राजाजीपुरम के सह प्रभारी विकास सिंह कहते हैं कि कई बार घर के आसपास के छोटे बच्चे और परिवार वाले खाना लेने कम्युनिटी किचन पर पहुंच जाते हैं। खाना पाकर उनके चेहरे पर दिखने वाली खुशी बड़ा सुकून देती है। काम में मेहनत तो जरूर है, लेकिन यह फर्ज है जिसे जिम्मेदारी से निभाना है।

सफाई व पूरी सजगता से काम
कम्युनिटी किचन के प्रभारी किचन की सफाई, खाना बनाने में विशेष सावधानी रखते हैं। इंजीनियर विकास सिंह बताते हैं कि जो भी कर्मचारी, अधिकारी या खाना बनाने वाला जब सुबह कम्युनिटी किचन में आता है तो अंदर जाने से पहले ही उसकी थर्मल जांच की जाती है। बिना मास्क और ग्लब्स के किसी को काम करने की इजाजत नहीं है। खाना बनाने से पैकिंग तक सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जाता है।
विज्ञापन

6 of 7
सुधीर कनौजिया। - फोटो : amar ujala
हर रोज देनी होती है परीक्षा
कम्युनिटी किचन इंदिरा नगर के प्रभारी सुधीर कनौजिया कहते हैं किचन का संचालन और जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाने के काम ने नया अनुभव दिया है। यह एक परीक्षा है, जिसे रोज देना है और पास होना है। मांग के अनुरूप खाना बनवाने और उसे पहुंचाने में पूरी टीम लगी है। इस संकट में न कोई कर्मचारी है न कोई अधिकारी। सब मिलकर काम कर रहे हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
निरीक्षण करते मुख्य अभियंता मनीष सिंह। - फोटो : amar ujala
जांचने के साथ अपने हाथों से भी बांटते हैं खाना
नगर निगम के सबसे बड़े इंजीनियर मुख्य अभियंता मनीष सिंह भी अपने साथियों संग जिम्मेदारी निभा रहे हैं। रोजाना किसी न किसी कम्युनिटी किचन का निरीक्षण करते हैं और फील्ड में खाना बांटने भी जाते हैं। वह कहते हैं कि मिलकर काम करने से उत्साह बढ़ता है।

लोग घरों में रहें, इसलिए चला रहे कम्युनिटी किचन
जिनके पास खाने को कुछ नहीं है, वो खाना व राशन की तलाश में बाहर न निकलें, इसके लिए नगर निगम इन लोगों को खाना और राशन पहुंचाने का काम कर रहा है। कम्युनिटी किचन सबके सहयोग से चल रहे हैं। हम लॉकडाउन तक बिना किसी परेशानी के जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाने का काम करते रहेंगे। - इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें