जीएसटी पोर्टल से ई-वे बिल जनरेट नहीं हो पाने के कारण एक फरवरी को लागू ई-वे बिल व्यवस्था पहले ही दिन फेल हो गई। इससे व्यापारियों एवं ट्रांसपोर्टरों को होने वाली परेशानी को देखते हुए वाणिज्यकर विभाग ने ई-वे बिल की अनिवार्यता स्थगित कर दी है। वाणिज्य कर विभाग के चेकिंग दस्ते अब ई-वे बिल के अभाव में व्यापारियों का माल नहीं रोक सकेंगे। कमिश्नर ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के संसदीय महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने बताया कि ई-वे बिल लागू होने के पहले ही दिन बृहस्पतिवार को पोर्टल ठप होने से माल का आवागमन ठप हो गया। ई-वे बिल जनरेट न होने के कारण माल से लदे ट्रक जहां के तहां खड़े हो गए।
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प्रमुख सचिव आरके तिवारी और कमिश्नर कामिनी रतन चौहान को इसकी जानकारी दी गई। कमिश्नर ने प्रमुख सचिव से बातचीत के बाद देर शाम ई-वे बिल की अनिवार्यता स्थगित करने का आदेश जारी किया। जोनल कमिश्नर एवं एडिशनल कमिश्नर एसआईबी को सर्कुलर भेजकर आदेश दिए गए कि यूपी के अंदर एवं यूपी के बाहर से आने वाले माल को ई-वे बिल के अभाव में न रोका जाए।
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यदि वैध टैक्स इनवाइस/ बिल ऑफ सप्लाई एवं बिल्टी हो तो केवल ई-वे बिल न होने पर माल एवं वाहन को न रोका जाए। लखनऊ के जोनल एडिशनल कमिश्नर ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने भी इस आदेश की पुष्टि की।
लखनऊ में खड़े रहे 5000 ट्रक
ई-वे बिल जनरेट न होने से बृहस्पतिवार को राजधानी में 5000 से अधिक छोटे व बड़े ट्रक खड़े रहे। इन ट्रकों में पूर्वांचल और सीमावर्ती जिलों को जाने वाला माल लोड है, लेकिन ई-वे बिल न होने के कारण ये जहां के तहां खड़े हैं। इससे ई-वे बिल व्यवस्था लागू होने के पहले ही दिन व्यापारियों का कारोबार चौपट हो गया। इसके विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने ट्रांसपोर्ट नगर में प्रदर्शन करके जीएसटी काउंसिल से ई-वे बिल सिस्टम लगाने के लिए मोहलत देने की मांग की।