शारदा सहायक नहर में तीन दिनों से रही एक गैंगेटिक डॉल्फिन को वन विभाग की टीम और लखनऊ से आए कछुआ संरक्षण दल के सदस्यों ने मंगलवार सुबह पकड़ लिया है। जबकि दूसरी डॉल्फिन का अभी तक कुछ पता नहीं लग सका है।
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बाराबंकी में ही क्यों मिल रही हैं दुर्लभ डॉल्फिन?
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बदोसराय कोतवाली क्षेत्र में कसरैला झील व सिरौलीगौसपुर पुल के पास शारदा सहायक नहर की डबल ब्रांच में देखी गईं डॉल्फिन मंगलवार सुबह वहां से करीब तीन किलोमीटर दूर नहर में ही पंजरौली गांव के पास जा पहुंची।
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जिसके बाद पहले से ही लगे वन विभाग की टीम व लखनऊ के कछुआ संरक्षण दल के सदस्यों ने डॉल्फिन को जाल में फंसाकर पकड़ लिया। सुबह के समय करीब डेढ़ घंटे की मेहनत के बाद यह सफलता मिली।
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वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो शारदा सहायक नहर में पकड़ी गई डॉल्फिन की उम्र करीब 3 साल है। वह करीब 6 फुट 2 इंच लंबी है व उसका वजन 70 किलोग्राम है।
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वहीं इसके साथ देखी गई दूसरी डॉल्फिन के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं लग सका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दूसरी डॉल्फिन अभी तक दिखाई नहीं पड़ी है पर एहतियात के तौर पर नहर में नजर रखी जा रही है।
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डॉल्फिन के पकड़े जाने के दौरान मौके पर जहां लोगों की भारी भीड़ लगी रही। वहीं पुलिस भी तैनात रही।
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डॉल्फिन को पकड़ने वाली टीम की अगुवाई कर रहे डीएफओ पीपी सिंह व कछुआ संरक्षण दल लखनऊ के डॉ. शैलेंद्र, डॉ. भाष्कर दीक्षित, डॉ. दिशा, रेंजर रामनगर राजकुमार श्रीवास्तव आदि ने डॉल्फिन को पकड़ने के बाद उसे कपड़े में लपेटकर एक वाहन में लाद लिया।
इसके बाद एल्गिन ब्रिज के पास पहुंचे वन कर्मियों व कछुआ संरक्षण दल के सदस्यों ने डॉल्फिन को नदी में छोड़ दिया है। इससे पहले 2 मार्च को देवा इलाके में 7 फीट लंबी व लगभग 90 किलो वजनी डॉल्फिन मिली थी जिसे शिकारियों ने मार डाला था।