स्थानीय लोगों ने बुरी तरह से घायल चांद को पहले उसके घर पहुंचाया। पिता आरिफ उसे लेकर बलरामपुर अस्पताल गए, जहां रविवार की वजह से डॉक्टर नहीं मिले। आरिफ का आरोप है कि इमरजेंसी में भी डॉक्टरों ने देखने से मना कर दिया। जख्मी बेटे को लेकर वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां बच्चे को एंटीरैबीज इंजेक्शन लगाया और मरहम पट्टी की गई। पिता का कहना है कि दर्द से कराहते बच्चे को भर्ती करने से इन्कार कर दिया।