दमदार मसल्स, मजबूत छाती, तेज नजरें, नुकीले दांत व हर आहट पर चौकन्ना, ऐसे ही डॉग्स पुलिस लाइन में हुए डॉग शो में देखने को मिले। ‘अमर उजाला’ के सहयोग से अवध केनेल क्लब की ओर से आयोजित 80,81 वां 82 वें डॉग शो में शनिवार को स्पोशिलिटी शो का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
2 of 7
डॉग शो
दो दिवसीय डॉग शो के पहले दिन डॉगी अपने मालिकों के साथ ग्राउंड में पहुंचे। अलग- अलग प्रजाति के ग्रुपों में हुई प्रतियोगिता में विदेश से आए जजों ने डाग्स को परखा।
विज्ञापन
3 of 7
डॉग शो
जिसमें आलोक नंदा के पामेरियन, सनी कोचर के लैब्राडोर और सत्यम बिस्ट के स्पिट्ज व केएस नागराजन का अफगान हाउंउ को अलग-अलग श्रेणियोंमें ‘बेस्ट इन शो‘ के खिताब से नवाजा गया।
4 of 7
डॉग शो
पुलिस लाइन में हुए शो में जजों ने डाग्स को उनके चलने के अंदाज, नजरें, व हड्डियों की आंतरिक संरचना के आधार पर परखा। अवध कैनल क्लब के सचिव केके त्रिवेदी के अनुसार लैब्रोडोर प्रजाति गन डॉग की श्रेणी में आते हैं। जिनकी नजरें बहुत तेज होती है।
विज्ञापन
5 of 7
डॉग शो
चलते व दौड़ते समय ग्राउंड कवरेज, एनाटॉमी, नेक कैरिएज, हेड, टेल, मसल्स व जांघों का घुमाव, छाती की बनावट, कलाइयों की मजबूती को भी परखा गया।
विज्ञापन
6 of 7
डॉग शो
बताया कि लैब्रोडोर प्रजाति के डॉग्स की टेल खास तरह की होती है। इसका आकार उदबिलाव की तरह होता है। इसके लिए भी डॉग्स को अंक दिए गए। ग्रेट डेन प्रजाति को हड्डियों की बनावट, उनके छरहरे बदन, आंखों व कानों की सेटिंग, टॉप लाईन के आधार पर चुना गया।
लगातार पांच बार चैंपियन रही लैब्राडोर को लेकर लखनऊ के सहारा स्टेट से आई एनाक्षी चंदेल बताती हैं कि उनके लैब्राडोर ने देश भर में शोहरत हासिल की हैं। एनाक्षी के मुताबिक पूरे देश में कई डॉग शो जीतने के बाद भी लखनऊ की जीत भी खास होती है।