हज पर जाने वालों के लिए प्रशिक्षण शिविर की तारीख अभी तक तय नहीं हो पाई है। लखनऊ से हज उड़ान का सिलसिला 14 जुलाई से शुरू हो जाएगा। हालांकि हज कमेटी ने 20 से 25 जून के बीच प्रशिक्षण का समय रखा है लेकिन किसे कब आना है यह निश्चित नहीं हो पाया है।
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हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्रदेश के लिए 29,851 सीटों का कोटा आवंटित किया है। अन्य प्रदेशों से बची हज सीटें मिलने के बाद इस बार प्रदेश से करीब 33 हजार यात्री अमौसी एयरपोर्ट से रवाना होंगे।
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इसमें से तकरीबन 1000 लोग राजधानी से हैं। हज पर जाने से पहले प्रशिक्षण शिविर में यात्रियों को कई तौर तरीके सिखाए जाते हैं ताकि सऊदी अरब में उन्हें कोई दिक्कत न हो। यात्रियों को दिमागी बुखार के टीके भी लगते हैं। टीकाकरण प्रशिक्षण शिविर के साथ ही शुरू होगा।
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ग्रीन श्रेणी के 18 हजार यात्री इस बार दोयम दर्जे की अजीजिया श्रेणी के होटलों में ठहराए जाएंगे। सऊदी सरकार ने ग्रीन कैटेगरी के यात्रियों को मक्का में होटल देने से मना कर दिया है। इसमें प्रदेश के करीब दो हजार से ज्यादा हज यात्रियों की रिहाइश बदलने की संभावना है। वहां दो श्रेणी के होटल हैं। श्रेणी का निर्धारण मक्का से दूरी के मुताबिक होता है।
अभी तक ग्रीन के लोगों को मक्का से 1500 मीटर दूर बने होटलों में ठहराया जाता था। सऊदी सरकार ने इस बार दूरी घटाकर 1000 मीटर कर दी है। इस दायरे में होटलों की संख्या सीमित हैं, जबकि इस बार यात्रियों की संख्या अधिक है। इस नाते ग्रीन कैटेगरी के 18 हजार बचे यात्रियों को अजीजिया श्रेणी में समायोजित किया जाएगा। रिहाइश की श्रेणी बदलने पर हज कमेटी ऑफ इंडिया खर्च के अंतर की रकम यात्रियों को वापस करेगी।