डाक विभाग की सेवाओं के लिए ग्राहकों को अब लंबी कतारों में नहीं लगना होगा और न ही काउंटरों पर इंतजार करना पड़ेगा।
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जल्द ही जीपीओ व चौक सहित लखनऊ के सभी छोटे-बड़े डाकघर सेंट्रल सर्वर से जोड़ दिए जाएंगे। जून से यह काम शुरू हो जाएगा।
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उनके अपग्रेडेशन का काम शुरू हो गया है। उप्र डाक परिमंडल ईआरपी आधारित नए सॉफ्टवेयर सिस्टम सीएसआई (कोर सिस्टम इंट्रीग्रेशन) के अंतर्गत अपग्रेड किया जा रहा है।
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पहले चरण की शुरुआत मंगलवार को बाराबंकी में चीफ पोस्ट मास्टर जनरल उप्र परिमंडल वीपी सिंह ने की। लखनऊ के डाकघरों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ने का काम जून से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि इससे ग्राहकों को डाक काउंटरों पर अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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- फोटो : amar ujala
छुट्टियों के लिए डाक कर्मियों को ऑनलाइन स्वीकृति दी जा सकेगी। पोस्टमास्टर जनरल जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से डाकघरों का कायाकल्प होगा। बाराबंकी के बाद दूसरे चरण में सीतापुर, तीसरे में फैजाबाद, चौथे में रायबरेली और पांचवें में लखनऊ का अपग्रेडेशन होगा।
डाक विभाग की दर्पण (द डिजिटल एडवांसमेंट ऑफ रूरल पोस्ट ऑफिस फॉर ए न्यू इंडिया) योजना के तहत ग्रामीण डाकघरों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। सीएसआई की मदद से सुदूर गांवों के डाकघर सीधे शहरों से जुड़ सकेंगे। इससे ग्राहकों को खासी राहत मिलेगी।