आशियाना थाने में तैनात एसआई के खौफ से शिक्षक दंपती लखनऊ में नहीं रहना चाहते हैं। डर है कि एसआई उनकी हत्या करवा सकता है। पीड़ित ने डिप्टी सीएम और डीजीपी से शिकायत कर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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केन्द्रीय विद्यालय में तैनात शिक्षक परिवार के साथ आशियाना में रहते हैं। पत्नी भी शिक्षिका हैं। शिक्षक के मुताबिक, पत्नी की करीबी रिश्तेदार मकान के ऊपरी हिस्से में रहती है। उक्त रिश्तेदार महिला का आशियाना थाने के एक एसआई से करीबी संबंध है। एसआई का अक्सर घर में आना-जाना है। एक दिन शिक्षक ने टोका तो एसआई ने धमकाया और चला गया।
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कुछ दिन बाद उसने शिक्षक पर मारपीट व लूट का फर्जी केस दर्ज कराया। इसके बाद उसके करीबी सिपाही शिक्षक के घर जाकर धमकाने लगे। एक दिन कॉलोनी के लोगों के साथ शिक्षक थाने पहुंचा। इस पर एसआई ने शिक्षक को जबरदस्ती मारते हुए मुंशियाने में बैठा दिया। आरोप है कि एसआई ने उसकी जेब में रखा मोबाइल, 48 हजार नकदी व कागजात छीन लिए।
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- फोटो : डेमो
हंगामे के बाद पुलिस ने शिक्षक को छोड़ा, लेकिन रकम नहीं लौटाई। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर एसआई और उसके साथी हत्या करने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसएसपी, आईजी रेंज, एडीजी जोन से की। अधिकारियों ने जांच के लिए पत्र भेजा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
- फोटो : amar ujala
वहीं, शनिवार देर शाम शिक्षक ने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और डीजीपी ओपी सिंह से शिकायत की है। आरोपी एसआई पूर्व मुख्यमंत्री के सुरक्षा में भी तैनात रहा है। पिछली सरकार ने आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देते हुए उसे एसआई बनाया था।
पुलिस ने बनाया समझौते का दबाव
शिक्षक का कहना है कि पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद आशियाना पुलिस ने समझौते के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। रविवार को तीन बार इंस्पेक्टर आशियाना ने उसे फोन कर थाने बुलाया। वहीं, इंस्पेक्टर भानुप्रताप सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। दोनो पक्षों को बुलाया गया है। शिक्षक का आरोप बेबुनियाद है।