अमौसी एयरपोर्ट पर मेट्रो ने कास्टिंग यार्ड की जमीन खाली कर दी है, जिससे नए टर्मिनल का निर्माण शुरू हो सकेगा। यह जिम्मेदारी नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड को सौंपी गई है। करीब तेरह सौ करोड़ रुपये से बनने वाले टर्मिनल का काम 24 जुलाई से शुरू होगा।
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टर्मिनल-3 की खूबियां
- फोटो : amar ujala
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल है। हवाईअड्डे पर सालाना 47 लाख से अधिक यात्री आते-जाते हैं। इनकी बढ़ती संख्या व जरूरत को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की ओर से अमौसी एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल टी-थ्री बनाने का खाका खींचा गया था।
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इसे जर्मनी के फ्रैंकफर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां 60 लाख यात्री सालाना सफर कर सकेंगे। इससे राजधानी में हवाई सेवाएं कहीं बेहतर हो जाएंगी। चूंकि, एयरपोर्ट पर लंबे समय से मेट्रो के गार्डरों का निर्माण कार्य चल रहा था, जिससे जमीन फंसी थी और नए टर्मिनल का काम रुक रहा था। अब यह जमीन खाली कर दी गई है। यहां बड़ी-बड़ी मशीनों को रखा जा सकेगा। मजदूरों के रुकने के लिए व्यवस्थाएं की जा सकेंगी और बिल्डिंग मैटीरियल रखा जाएगा।
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बता दें कि हाल ही में सरकार ने टर्मिनल के लिए धनराशि भी जारी की, जिसके बाद टेंडर अवार्ड करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक हैदराबाद की नागार्जुन कंपनी जल्द निर्माण शुरू करेगी। कंपनी ने एयरपोर्ट पर बालू व मौरंग गिरवानी शुरू कर दी है। वहीं, कंपनी के अधिकारियों ने बताया 24 जुलाई से काम शुरू किया जा सकता है।
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ये सुविधाएं मिलेंगी टी-थ्री पर
अमौसी एयरपोर्ट पर तीसरे टर्मिनल टी-थ्री कानपुर छोर की ओर बनाया जाएगा। 1,15,000 वर्गमीटर में 1,230 करोड़ से बनने वाले इस टर्मिनल से 80 फ्लाइटों की रोजाना लैंडिंग व टेक ऑफ हो सकेगा। यहां हर दस मिनट पर 4,000 यात्री आ-जा सकेंगे। 1,500 वाहनों की पार्किंग और 15 एरोब्रिज यात्रियों की सुविधा के लिए लगे होंगे।
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पहले बनेगा डिपार्चर के लिए फ्लाईओवर
नए टर्मिनल के निर्माण कार्य को कई हिस्सों में बांटा गया है। मसलन, अराइवल, डिपार्चर, मुख्य भवन और सरकुलेटिंग एरिया का डवलपमेंट। ऐसे में कंपनी चरणबद्ध ढंग से काम करेगी। यह पहले डिपार्चर का काम शुरू कर सकती है। इसके लिए एयरपोर्ट प्रशासन की बिल्डिंग के सामने से फ्लाईओवर बनेगा, जो सीधे मुख्य भवन तक जाएगा। अराइवल के लिए ग्राउंड फ्लोर पर शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम वगैरह की व्यवस्था होगी।
जुलाई से काम शुरू
एयरपोर्ट की जमीन पर मेट्रो ने कास्टिंग यार्ड बना रखा था। अब चूंकि, मेट्रो ने जमीन खाली कर दी है, इसलिए नए टर्मिनल टी-3 का निर्माण कार्य जुलाई से शुरू हो जाएगा। इसके लिए नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। - संजय नारायण, विशेष कार्याधिकारी, अमौसी एयरपोर्ट