नवरात्र के दिन, शुभ संयोग और शादियां करीब....। ऐसे शुभ मौके पर अगर जेवर नहीं खरीदेंगे तो भला कब खरीदे जाएंगे। इसी सोच के साथ खरीदारों के आने से सोने की बढ़ती कीमतों के बीच भी सराफा बाजार जगमगा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि बाजार की इस चमक के दो कारण हैं, एक तो शादियां नजदीक हैं, दूसरे डेली कस्टमर भी साथ में आ गए हैं। पितृ पक्ष और मलमास के कारण नवरात्र और शादियों के दिन की दूरी घटने से बाजार में कस्टमर की डबल एंट्री हो रही है। कोविड ने आर्थिक चुनौती दी है, सोने की कीमत भी ज्यादा है, ऐसे में कारोबारियों ने बाजार में लाइट वेट ज्वैलरी से दुकानें भर दी हैं और कस्टमर को भी उसी बजट में मनमाफिक सामान मिल रहा है। लखनऊ सराफा का अनुमान है कि नवरात्र खत्म होते-होते 25 करोड़ रुपये की चमक बाजार में बिखरेगी।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
ज्वैलरी पसंद करती महिला
- फोटो : अमर उजाला
ग्राहक का बजट वही, पर जरूरतें उतनी में पूरी
श्रीबद्री सर्राफ, सिंगारनगर की डायरेक्टर ऑपरेशनल श्रुति केसरवानी कहती हैं कि जब शादी की खरीदारी के लिए ग्राहक आता है तो उसे अंगूठी, सेट, चेन, ब्रेसलेट, मांग टीका, नथ सब चाहिए होता है। हम उसके तय बजट में जरूरत का सभी सामान तैयार करके दे रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 7
खरीदारी करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
100% ग्राहकों की वापसी
श्री आरके ज्वैलर्स, आलमबाग के राजीव कुमार कहते हैं कि नवरात्र आते ही हमें 100 फीसदी ग्राहक मिल गए हैं। इनमें जरूरत और निवेशक दोनों हैं। सोने के बढ़ते दाम के कारण लोग कम वजन के जेवर पसंद कर रहे हैं। पहले बड़ा हार 55 से 60 ग्राम तक और छोटा हार 30-35 ग्राम का हुआ करता था। इस बार जो ग्राहक बाजार में है वो 40 से 20 ग्राम तक का हार तैयार करने को कह रहा है। हालांकि उसे खर्च उतना ही करना पड़ रहा है। शादी की वजह से डायमंड व पोल्की की डिमांड बढ़ी
अरासली ज्वैलर, गोमतीनगर के राघव गुप्ता कहते हैं कि इन दिनों जो खरीदार हैं उन्हें फंक्शन बेस्ड कहा जा सकता है। दो नवरात्र बीते हैं, तीसरे व चौथे तक शादी की खरीदारी करने वालों के साथ डेली खरीदार भी आ जाएंगे। वैवाहिक खरीदारी में डायमंड व पोल्की के जेवर पसंद किए जा रहे हैं। जबकि डेली कस्टमर को तो सोना ही चाहिए, फिर कितना ही महंगा क्यों न हो।
4 of 7
खरीदारी करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
निवेश करने वाले कस्टमर भी बाजार में
गोमतीनगर स्थित जुगल किशोर द ज्वैलर्स के निलय रस्तोगी कहते हैं कि कस्टमर लौट आए हैं और बंदी का असर अब जाता रहा है। जिनके यहां फंक्शन है, वे कीमतें नहीं देख रहे हैं। निवेश करने वाला कस्टमर अलग होता है, लेकिन वो भी इस वक्त बाजार में है। हमने ग्राहक की जेब और पसंद का खयाल रखते हुए लाइटवेट ज्वैलरी तैयार करवाईं हैं और ऑन डिमांड भी दे रहे हैं। इस दिनों टर्किश डिजाइन चलन में है। ये देखने में तो भारी, लेकिन वजन में हल्की होती है। खास बात है कि नेक्स्ट जेन की युवतियों की पसंद के हिसाब से है। 22 कैरेट की शुद्धता की गारंटी हम देते हैं।
ऑफर ही ऑफर
30%
सोने की बनवाई पर छूट का फायदा
20%
तक हीरे की फ्लैट वैल्यू पर छूट
20%
की छूट पोल्की की फ्लैट वैल्यू पर
विज्ञापन
5 of 7
आदिश जैन
- फोटो : अमर उजाला
सराफा बाजार में ये भी ट्रेंड
- सराफा कारोबारी उमेश पाटिल कहते हैं कि पहले बड़ा हार 55 से 60 ग्राम तक और छोटा हार 30-35 ग्राम का हुआ करता था। इस बार जो ग्राहक बाजार में है वो 40 से 20 ग्राम तक का हार तैयार करने को कह रहा है।
- कारोबारी विनोद माहेश्वरी कहते हैं कि इटैलियन लुक की वजह से ये लोगों काे लुभा रहे हैं। वहीं, एक ग्राम सोने के जेवर भी पसंद किए जा रहे हैं।
- इंडिया बुलियन व ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष समित रस्तोगी कहते हैं कि राजकोट, महाराष्ट्र, मुंबई की डिजाइर ज्वैलरी वजन में कम, देखने में भारी और स्टाइलिश होने का कारण पसंद की जा रही है।
- कारोबारी शालिनी अग्रवाल कहती हैं कि पहले 22 कैरेट लेते थे, अब 18 कैरेट में बना जेवर ले रहे लोग। वहीं, प्लेटिनम एक विकल्प बनकर सामने आया है। दरअसल इसके रेट स्थिर होते हैं, इसे एमआरपी पर लिया जाता है।
इस जगमगाहट से हर सराफा कारोबारी खुश
अनलॉक की शुरुआत में ग्राहकों की धीमी आमद सोने की बढ़ती कीमतों से सहमे सराफा कारोबारियों ने नवरात्र में उमड़े ग्राहकों को देखकर राहत की सांस ली है। अब कारोबारियों को अनुमान है कि नवरात्र के अंत तक सराफा कारोबार 25 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाएगा। - आदिश जैन, संगठन मंत्री, लखनऊ सराफा
विज्ञापन
6 of 7
निलय रस्तोगी और राघव गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
गहनों तक को शुद्ध कर रहे बेझिझक आएं आप
सराफा कारोबारी कहते हैं कि हमारा ग्राहक भी हमारे परिवार के सदस्य की तरह हैं। जितनी घर के लोगों की चिंता होती है, उतना ही ख्याल हमें कस्टमर का है। सेहत सुरक्षा के लिहाज से सारे प्रबंध हैं। निलय रस्तोगी कहते हैं कि एक ग्राहक से दूसरे ग्राहक तक जाने या शोकेस में रखे जाने के पहले सारे गहनों को सैनिटाइज किया जाता है। इसके लिए हमने अलग से यूवी मशीन रखी है। राघव गुप्ता कहते हैं कि मास्क, सैनिटाइजर, रिकॉर्ड मेंटेन करने जैसे प्रोटोकॉल का शत प्रतिशत पालन शोरूम में किया जा रहा है। कस्टमर हो या शहर का हर नागरिक हम यही कहेंगे की बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग हमें बनाए रखनी होगी।
राजीव कुमार कहते हैं कि कस्टमर और कारोबारी दोनों को एक-दूसरे का ध्यान रखना होगा। हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हैं और यह कहते हुए गर्व हो राह है कि हमारे सारे ग्राहक पढ़े-लिखे समझदार हैं। वे खुद इसका ध्यान रखते हैं। श्रुति केसरवानी कहती हैं कि शो रूम में दो गज की दूरी के नियम का पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है। यह खुशियों का त्योहार है। स्वस्थ रहेंगे हम तो हमारा परिवार स्वस्थ रहेगा और मिलजुल कर खुशियां मना पाएंगे, इसके लिए संक्रमण से बचने को सावधान तो रहना होगा।