जापानी व भारतीय छात्रों के साथ सीएम योगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान से आए विद्यार्थियों के लिए भारत की विविधता में एकता, वसुधैव कुटुम्बकम्, भारतीय भाषाओं, दर्शन, पर्व और त्योहारों तथा उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का यह अवसर है। उन्होंने कहा कि जापान की नई पीढ़ी भारत को केवल एक बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एक साझा सभ्यतागत मित्र के रूप में जाने, यह इस संवाद की बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं भारतीय विद्यार्थियों के लिए जापान की कार्य संस्कृति, जीवन दर्शन, अनुशासन, ‘इकीगाई’, टीमवर्क, पारस्परिक सम्मान, स्वच्छता, समयबद्धता, पारंपरिक कलाओं और उत्सवों को समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आदान-प्रदान कार्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत ही यही है कि दोनों देश एक-दूसरे से सीखें और अपनी श्रेष्ठ बातों को साझा करें।